अगरतलाः त्रिपुरा में कांग्रेस के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने अगले साल फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनावों में भगवा ब्रिगेड के खिलाफ सभी गैर-भाजपा दलों को एकजुट होकर लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। वाम मोर्चा ने त्रिपुरा में कांग्रेस और टीआईपीआरए मोथा को अजेय ताकत माना है, लेकिन अन्य सभी क्षेत्रीय दलों के लिए विकल्प खुला रखा है। तृणमूल कांग्रेस के मामले में माकपा का मानना है कि ममता बनर्जी विपक्ष के मतों को विभाजित करने के लिए अपने हित के लिए भाजपा की बी-टीम के रूप में खेल खेल रही हैं।