चीन के वैज्ञानिकों ने एक नया कारनामा किया है। पहली बार चीन के वैज्ञानिकों ने चंद्रमा पर एक नए खनिज की खोज की है। चीन ऐसा करने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया है। चीनी अधिकारियों ने इसे लेकर शुक्रवार को जानकारी दी। चीन परमाणु ऊर्जा प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डोंग बाओतोंग ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी पुष्टि की। उन्होंने कहा कि नए खनिज का नाम चेंजसाइट-वाई  रखा गया है। चांद पर ज्वालामुखी के जरिए बने पत्थर जिन्हें बेसाल्ट कहा जाता है के कणों में पाए जाने वाले क्रिस्टल में चेंजसाइट-वाई पाया गया है। यह एक फॉस्फेट खनिज है। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक बीजिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ यूरेनियन जियोलॉजी के वैज्ञानिकों ने 140,000 चंद्रमा के कणों से एक्स-रे विवर्तन जैसे हाई टेक्नीक से लगभग 10 माइक्रॉन के त्रिज्या वाले एक क्रिस्टल कण को अलग किया और इसकी व्याख्या की। अंतर्राष्ट्रीय खनिज संघ के नए खनिज, नामकरण और वर्गीकरण आयोग ने इस नए खनिज के खोज की पुष्टि की है और इसका नामकरण भी मान लिया है। इंसानों द्वारा चांद पर खोजा गया यह छठा खनिज है। अमरीका और सोवियत संघ के बाद चीन तीसरा ऐसा देश है, जिसने यह कारनामा किया है। चांद पर 50 साल बाद आज भी पड़ी हुई है ये फोटो, इस अंतरिक्ष यात्री ने तस्वीर के पीछे छोड़ा था ये मैसेज चीन के चांग ई-5 मिशन के जरिए 2020 में चंद्रमा से लगभग 1,731 ग्राम के वजन वाले नमूने धरती पर लाए गए थे। ये 40 वर्षों में चांद का पहला नमूना था। चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज, शिक्षा मंत्रालय और प्राकृृतिक संसाधन मंत्रालय समेत कई विभागों के वैज्ञानिक चांद के नमूनों को लेकर शोध में शामिल थे। ये उपलब्धि चंद्रमा की उत्पत्ति और विकास को समझने और खोज करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।