कोकराझाड़ः कोकराझाड़ में गत 6 सितंबर को असम सरकार की कैबिनेट बैठक में असम को दुबारा विभाजित नहीं किए जाने का फैसला लिए जाने के दूसरे ही दिन आज दुआरांचल जन परिसिंघम समिति के अध्यक्ष भारमिस नार्जरी ने कोकराझाड़ प्रेस क्लब में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि वे पश्चिम बंगाल के तिस्ता नदी से लेकर ब्रह्मपुत्र नदी के उतरी तट पर सदिया तक को लेकर दुआरांचल प्रदेश का गठन करे नहीं तो हम उक्त राज्य गठन के लिए आंदोलन तेज करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि उक्त अंचल सदियों से जनजातियों की भूमि रही है इसलिए हम चाहते हैं कि उक्त प्रदेश का गठन करके सरकार हमारी पुरानी पहचान को दुबारा दिलाए। जब उनसे पूछा गया कि मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने घोषणा किया है कि असम में और किसी राज्य का गठन किसी भी कीमत पर नहीं होगा तो उन्होंने कहा कि हम अलग राज्य की मांग हिमंत विश्व शर्मा से नहीं केंद्र सरकार से कर रहे हैं। इसमें असम सरकार की सहमति की अवश्यकता नहीं है। हम असमिया लोगों के साथ नहीं रह सकते इसलिए सरकार जल्द से जल्द दुआरांचल प्रदेश का गठन करे।