खारूपेटियाः पर्युषण महापर्व के आठवें दिन उत्तम-त्याग धर्म का पालन कर सभी भक्तों ने अपने जीवन को सार्थक बनाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तम त्याग धर्म की पूजा-अर्चना कराते हुए उत्तम त्याग धर्म का महत्व भी बताया। आकाश जैन भैया ने उत्तम त्याग धर्म के बारे में बताते हुए कहा कि उत्तम त्याग धर्म अर्थात् आत्मशुद्धि के उद्देश्य से विकार भाव छोड़ना तथा स्व पर उपकार की दृष्टि से धन आदि का दान करना त्याग धर्म है। अतः भोग में लाई गई। वस्तु को छोड़ देना भी त्याग धर्म है। दस लक्षण पर्व के दस दिनों की कड़ी तपस्या और साधना करते हुए व्रती मनोज कुमार पाटनी, मेहुल जैन पाटनी, चैतन्य जैन पाटनी, कड़ी तप और साधना कर दस धर्मों का लाभ किया।