ढेकियाजुलीः राज्य सरकार द्वारा आदिवासी समुदाय के पवित्र पर्व करम पूजा के उपलक्ष्य में कल चाय श्रमिकों को छुट्टी दी गई थी। लेकिन इस छुट्टी को लेकर चाय श्रमिक ने राज्य सरकार की इस छुट्टी को लेकर असंतुष्ट होकर जुलिया चाय बागान के चाय श्रमिकों ने पत्रकारों से कहा कि राज्य सरकार ने करम पूजा के उपलक्ष्य में एक दिन की छुट्टी दी थी। लेकिन एक शर्त रखी थी कि उक्त दिन का कार्य रविवार को करना होगा तब जाकर चाय श्रमिकों को दिहाड़ी मिलेगी अन्यथा नहीं। उक्त संदर्भ में ऑल असम आदिवासी स्टूडेंट्स यूनियन (आसा) की शोणितपुर जिला समिति के सचिव आनंद तांती और ढेकियाजुली शाखा के सचिव दयालु तांती ने कहा कि राज्य सरकार चाय श्रमिकों को पवित्र पर्व करम पूजा के अवसर पर जो एक दिन की छुट्टी दी है, वह अच्छी बात है। लेकिन राज्य सरकार ने छुट्टी की आड़ में श्रमिकों को दिहाड़ी नहीं देना कहां तक उचित है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष यदि राज्य सरकार आज के ही जैसी छुट्टी की घोषणा करती है तो हम लोग नहीं मानेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अगले वर्ष छुट्टी के साथ चाय श्रमिकों को दिहाड़ी भी देनी होगी। उक्त दोनों सचिवों ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार पवित्र करम पर्व की छुट्टी देने के बाद भी ढेकियाजुली विधानसभा क्षेत्र के अधीन मोनाबाग, श्यामागुड़ी, जुलिया, सपोइ, पानबाड़ी, डिबरूदरंग और हीराजुली चाय बागान में श्रमिक काम करते देखे गए।