गौहाटी हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि मतदाता सूची में नाम न होने का मतलब यह नहीं कि वह व्यक्ति विदेशी है। न्यायाधिकरण की ओर से किसी व्यक्ति को समन देने का मतलब भी यह नहीं कि वह विदेशी है। हैदर अली नामक एक व्यक्ति की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए गौहाटी हाई कोर्ट की एक पीठ ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। बरपेटा स्थित विदेशी न्यायाधिकरण ने हैदर अली के मां-बाप का नाम 1955 तथा 1970 की मतदाता सूची में होने के साथ ही मां-बाप के साथ उनका संबंध साबित किए जाने के बावजूद अली को विदेशी करार दिया था। न्यायाधिकरण के फैसले को चुनौती देते हुए अली ने गौहाटी हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाई कोर्ट में लंबी सुनवाई के बाद यह साबित हुआ कि हैदर के पिता तथा दादा भारतीय थे। इस परिप्रेक्ष्य में बरपेटा के न्यायाधिकरण के फैसले को खारिज करते हुए गौहाटी हाई कोर्ट ने हैदर को भारतीय नागरिक घोषित किया है।
मतदाता सूची में नाम न होने का मतलब विदेशी नहीं : हाईकोर्ट
