नई दिल्ली: ब्रिटेन को पीछे छोडक़र भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में पांचवें स्थान पर आ गई है। मौजूदा विकास दर पर भारत 2027 में जर्मनी और 2029 में जापान से आगे निकलकर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा। भारतीय स्टेट बैंक की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार इस साल पहली तिमाही में विकास दर 13.5 फीसदी रही है। इस दर से भारत के इस वित्त वर्ष में सबसे तेज बढ़ती अर्थ-व्यवस्था रहने की संभावना है। पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. अरविंद विरमानी का कहना है कि भारतीय अर्थ-व्यवस्था का सफर आगे भी जारी रहेगा और भारत आने वाले कुछ साल में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थ-व्यवस्था बन जाएगा। उन्होंने कहा-पिछले साल हम छठे स्थान पर थे। 2022 में उम्मीद थी कि हम पांचवीं बड़ी अर्थ-व्यवस्था बन जाएंगे। विरमानी ने आगे कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और 2028-30 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थ-व्यवस्था बन जाएगा। 2014 में भारतीय अर्थ-व्यवस्था, दुनिया में 10वीं सबसे बड़ी थी, इस लिहाज से 7 स्थान का बदलाव दिख सकता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के मुताबिक भारत अपनी अर्थ-व्यवस्था के आकार के मामले में अमरीका, चीन, जापान और जर्मनी से बहुत पीछे नहीं है। आईएमएफ का कहना है कि लगभग 854 अरब डॉलर का अंतर है।
2029 तक भारत बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था