ज्योतिर्विद विकाश तिवाड़ी
भारतीय हिन्दू पंचाग मतानुसार भाद्रपद की शुक्ल पक्ष चर्तुथी तिथि बुधवार एवम स्वाति नक्षत्र में भगवान गणपति का जन्म हुआ था। इस वर्ष गणेश महोत्सव 31 अगस्त 2022 से लेकर 9 सितंबर 2022 तक मनाया जाएगा। इस वर्ष गणेश चतुर्थी का शुभाारंभ रवि योग तथा ग्रहों के शुभ संयोग में होना विशेष शुभ एवम उत्तम फल प्रदान करने वाला है। भगवान गणेश जी का जन्म स्वाति नक्षत्र बुधवार को दोपहर के समय हुआ था। इसी कारण बुधवार के दिन भगवान गणपति की पूजा का विशेष महत्व हैं। इस वर्ष गणेश महोत्सव के दिन बुधवार एवम कन्या के चंद्रमा जो कि बुध ग्रह की उच्च स्वराशि है तथा सूर्य शनि गुरु भी अपनी स्वराशि में विराजमान रहेंगे। गणेश चतुर्थी का मुहूर्त अपने आप मे स्वयं सिद्ध अबूझ महूर्त होता है। किसी भी शुभ कार्य के लिए सर्वप्रथम भगवान गणपति की पूजा अर्चना का विधान सभी देवी देवताओं से पहले है। भगवान गणेश जी की पूजा से सभी तरह के दोष विघ्न एवम बाधाएं दूर होती हैं एवम जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता हैं। भगवान गणपति को मोदक सबसे प्रिय है इसीलिए उन्हें मोदक का भोग लगाया जाता हैं।
गणेश स्थापना एवम पूजा के लिए शुभ महूर्त : 31 अगस्त दोपहर 11 बजकर 4 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 37 मिनट तक , इसके बाद शाम 5 बजकर 39 मिनट से 7 बजकर 15 मिनट तक रहेगा।
विजय मुहूर्त : दोपहर 2 बजकर 5 मिनट से दोपहर 2 बजकर 55 मिनट तक।
गोधूलि मुहूर्त : शाम 6 बजकर 2 मिनट से शाम 6 बजकर 28 मिनट तक।
अमृत मुहूर्त : शाम को 5 बजकर 41 मिनट से 7 बजकर 18 तक। ज्योतिर्विद विकाश तिवाड़ी ने बताया इस वर्ष गणेश स्थापना पूजा के समय चित्रा नक्षत्र, शुक्ल योग, बालव करण योग बन रहा है जो कि विशेष शुभ हैं।
गुवाहाटी, मो.: 9529781915