छोटे बच्चे बेहद ही नाजुक होते हैं और इसलिए उनकी देख-रेख के दौरान अगर जरा सी भी लापरवाही बरती जाए तो इससे उन्हें बहुत अधिक नुकसान हो सकता है। दरअसल, जब बच्चे बेहद छोटे होते हैं, तो ना केवल उनका शारीरिक व मानसिक विकास हो रहा होता है, बल्कि उनका प्रतिरक्षा तंत्र भी मजबूत नहीं होता है। जिसके कारण वह बहुत जल्दी बीमार पड़ जाते है। ऐसे में मां उन्हें दवाई देने के स्थान पर पहले कुछ घरेलू उपाय अपनाती हैं। इसी क्रम में अगर बच्चे के कान में गंदगी हो या फिर उसके कान में दर्द होता है तो वह तेल को गर्म करके उसकी बूंदें बच्चे के कान में डालती हैं। इसे एक बेहद ही प्रभावी घरेलू उपाय माना जाता है। लेकिन क्या यह उपाय छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित है। 

तो चलिए जानते हैं इस लेख में-बच्चे के कान में तेल डालने से बचें : अगर बच्चे के कान में दर्द हो रहा है या फिर उसे कान से जुड़ी कोई समस्या है तो ऐसे में आप उसके कान में तेल डालने से बचें। इसकी कई वजहें हैं- सबसे पहले तो कोई भी तेल पूरी तरह से कीटाणुमुक्त नहीं होता है। जिसके कारण अगर इसका इस्तेमाल बच्चे के कान में बार-बार किया जाता है, तो इससे शिशु को इनफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। - वहीं, छह महीने से कम उम्र के बच्चों की समस्या का इलाज करने के लिए किसी भी तरह के घरेलू उपाय या घरेलू इलाज करने की सलाह नहीं दी जाती है।- कभी-कभी कान में तेल डालने से पहले मां तेल को बहुत अधिक गर्म कर देती है, जिससे उनके कान व कान के पर्दे को नुकसान पहुंच सकता है। 

क्या करें : शरीर के अन्य अंगों की तरह की बेबी के कान की सफाई भी उतनी ही जरूरी है। ऐसे में आप खुद ही घर का वैद्य बनने की जगह ईएनटी स्पेशलिस्ट या फिर चाइल्ड केयर एक्सपर्ट को दिखाएं।