भाद्रपद महीने  की कृृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाएगी। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और भगवान शिव की पूजा विधि-विधान से करते हैं। शिवरात्रि व्रत करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। वे भक्तों के दुखों को दूर करके मनोकामनाएं पूरी करते हैं। मासिक शिवरात्रि की रात आप शिव मंत्रों के जाप से सिद्धि भी प्राप्त कर सकते हैं। इस बार ये व्रत 25 अगस्त, गुरुवार को किया जाएगा। मान्यताओं के अनुसार, इस तिथि पर भगवान शिव की पूजा करने से हर तरह की परेशानी दूर हो सकती है और जीवन में सुख-समृद्धि  बनी रहती है। तो, चलिए इस दिन के महत्व के बारे में जानते हैं। इसके साथ ही ये भी बताएंगे कि ये व्रत क्यों किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक शिवरात्रि का व्रत बेहद शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन शिव मंत्र  ‘नम: शिवाय’ का पूरे दिन जाप करने से व्यक्ति की सभी मनोकामना पूर्ण होती हैं। जो भक्त इस दिन उपवास करता है। उसे मोक्ष, मुक्ति की प्राप्ति होती है और वह स्वस्थ और समृद्ध जीवन  व्यतीत करता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, फाल्गुन मास के कृृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर भगवान शिव लिंग रूप में प्रकट हुए थे। वहीं कुछ विद्वानों का मानना है कि इस तिथि पर शिव-पार्वती का विवाह हुआ था। जिसके चलते इस दिन महाशिवरात्रि का पर्व साल में एक बार मनाया जाता है। हर महीने के कृृष्ण पक्ष को चतुर्दशी तिथि आती है। ये तिथि शिव जी को बहुत प्रिय होती है और इसके स्वामी भी वही है। इसलिए, हर महीने की कृृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत  किया जाता है।