भाद्रपद के महीने को भादो के नाम से भी लोग जानते हैं, इस वर्ष भाद्रपद का महीना 10 सितंबर तक रहेगा। यह महीना लोगों को व्रत, उपवास, नियम तथा निष्ठा का पालन करवाता है। इसके साथ ही अपनी गलतियों को याद करके उनका प्रायश्चित करने के लिए यह सर्वोत्तम महीना माना जाता है। मान्यता है कि मन को शुद्ध करने और पवित्र भाव भरने में यह महीना काफी कारगर होता है। भादो के महीने में धार्मिक कार्यों के साथ पूजा-पाठ और दान- पुण्य करना बेहद शुभ होता है। इस माह में भगवान शिव, भगवान श्री कृष्ण और भगवान श्री गणेश के साथ अन्य देवी-देवताओं की कृपा बरसती है। ऐसे में इनकी कृपा पाने के लिए भक्तों को कुछ अति महत्वपूर्ण कार्य करने होते हैं और साथ ही कुछ सावधानियां भी बरतनी होती है। इससे लोगों का स्वस्थ्य उत्तम रहता है। तथा भगवान की कृपा से उनकी मुरादें भी पूरी होती है। अगर आप एक अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त करना चाहते हैं तो इसके लिए आप भाद्रपद के महीने में भगवान श्री कृष्ण के मंदिर में जाकर दूध का दान अवश्य करें। कृष्ण जी के मंदिर में दूध का दान करते हैं तो स्वास्थ्य संबंधित सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। अगर आप अपनी किस्मत का साथ पाना चाहते हैं तो इसके लिए आप भगवान श्री कृष्ण जी के मंदिर में जाकर सफेद फूल अर्पित करें और अर्पित किए गए फूल को अपनी जेब में रखें, आपको यह उपाय पूरे भाद्रपद के महीने तक करना होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिस प्रकार शिव भक्तों के लिए सावन का महीना बहुत महत्वपूर्ण होता है। उसी प्रकार भादो का महीना भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस माह में भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के पूजन करने और उनका ध्यान करने से लोगों की सभी मन्नतें पूरी होती हैं। कहते हैं नौकरी के क्षेत्र में तरक्की पाने और आगे बढऩे के लिए भादो के महीने में जितना हो सके उतना भगवान श्रीकृष्ण को खीर का भोग लगाना चाहिए और इसी के साथ ही खीर लोगों में भी बांटना चाहिए। भाद्रपद मास में कई व्रत पड़ते है। भाद्रपद के महिने में गणेश चतुर्थी और गणेश महोत्सव का पर्व मनाया जाता है। इस महीने में श्रीकृष्ण, बलराम और राधा का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। वहीं इस महीने में महिलाओं के सौभाग्य का पर्व हरितालिका तीज भी पड़ता है। इसके साथ ही भाद्रपद के महिने में अनंत पुण्य प्राप्त करने का पर्व अनंत चतुर्दशी भी पड़ता है।