नई दिल्ली: आधार बनाने वाली संस्था यूआईडीएआई ने आधार नहीं बनवाने वालों के लिए एक कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। यूआईडीएआई ने एक सर्कुलर जारी कर सभी मंत्रालयों और राज्य सरकारों को कहा है कि सभी सरकारी सब्सिडी और लाभ के लिए आधार नंबर को अनिवार्य बनाया जाए। ऐसे में यदि आपके पास आधार संख्या या नामांकन पर्ची नहीं है, तो आप सरकारी सब्सिडी और लाभों का लाभ उठाने के हकदार नहीं हो सकते हैं। जिन लोगों के पास आधार नंबर नहीं है और जो सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सब्सिडी और लाभों का लाभ उठा रहे हैं, उनके लिए आधार नियमों को कड़ा करने के लिए ये सर्कुलर जारी किया गया था। सर्कुलर में यह भी लिखा गया है कि देश में 99 प्रतिशत वयस्कों के पास आधार नंबर उपलब्ध है। यूआईडीएआई द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, आधार अधिनियम की धारा 7 में एक मौजूदा प्रावधान है, जो एक ऐसे व्यक्ति को सुविधा प्रदान करता है, जिसके पास आधार नंबर नहीं है जब तक उनको आधार संख्या आवंटित नहीं की जाती वह आधार नामांकन पहचान (ईआईडी) संख्या/ पर्ची के साथ सरकारी लाभ, सब्सिडी और सेवाओं का लाभ उठा सकता है। इसका मतलब है कि केंद्र और राज्य सरकार की सेवाओं, लाभों और सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए आधार नामांकन पहचान (ईआईडी) संख्या या पर्ची की आवश्यकता होगी यदि किसी के पास अभी तक आधार संख्या नहीं है तो उस व्यक्ति को सरकारी सभी सब्सिडी और लाभों से बंचित होना होगा। आधार की वजह से कल्याणकारी सेवाओं को प्राप्त करने में लोगों का अनुभव बेहतर हुआ है। आधार के कारण सरकारी योजनाओं में होने वाली घपलेबाजी या फायदा नहीं मिलने की समस्य खत्म हुई हैं।