प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 76वें स्वतंत्रता दिवस पर सोमवार को कहा कि भ्रष्टाचार और परिवारवाद दो ऐसी प्रमुख चुनौतियां जो राजनीति तक ही सीमित नहीं हैं। अगर समय रहते इनका समाधान नहीं किया गया तो यह भविष्य में विकराल रूप ले सकती है। किसी का नाम लिये बिना मोदी ने कहा कि भारत जैसे लोकतंत्र में जहां लोग गरीबी से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ऐसे भी लोग हैं जिनके पास चोरी किया हुआ माल रखने के लिए जगह नहीं है। उन्होंने आह्वान किया कि अब समय आ गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ा जाए। प्रधानमंत्री ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की कि आज भी लोग भ्रष्टाचारियों का महिमा मंडन कर रहे हैं। अब भ्रष्टाचारियों के खिलाफ नरम रुख अपनाने का समय खत्म हो गया है। इसी तरह परिवारवाद पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीति के क्षेत्र में बढ़ता परिवारवाद ने हिंदुस्तान की हर संस्था में परिवारवाद को पोषित किया है। हिंदुस्तान की राजनीति के शुद्धिकरण के लिए परिवारवादी मानसिकता से मुक्ति को अनिवार्य बनाने की जरूरत है। खेल की दुनिया में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के पीछे खिलाड़ियों के चयन में आई पारदर्शिता एवं भाई-भतीजावाद खत्म होने का असर है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में एक तरह से अगले 25 वर्षों के लिए विकसित भारत की रूपरेखा देश के सामने प्रस्तुत कर दी है। उनका कहना था कि वर्ष 2047 तक अगला 25 साल अमृतकाल के नाम से जाना जाएगा। इसके लिए प्रधानमंत्री ने पांच प्रण का आह्वान किया। उन्होंने विकसित भारत का संकल्प, गुलामी की सोच से मुक्ति, विरासत पर गर्व करने, एकता एवं एकजुटता और नागरिकों के कर्तव्य पालन पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि लोग अपने अधिकार के बारे में सजग रहते हैं, किंतु अपने कर्तव्य को भूल जाते हैं। नागरिकों को अपने कर्तव्य के प्रति भी जागरूक होना चाहिए। अमृतकाल की पहली प्रभात में हमें यह संकल्प लेना है कि अगले 25 साल में भारत को विकसित भारत बनाना है। केंद्र तथा सभी राज्यों को टीम इंडिया की भावना और सहकारी संघवाद के साथ काम करना होगा। हर घर तिरंगा कार्यक्रम से राष्ट्र के प्रति प्रेम को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी है। इस अभियान में जनता का जोर-शोर से भाग लेना पुनर्जागरण का संकेत है। इसने देश को नई ताकत दी है। स्वतंत्रता दिवस समारोह में भारत ने स्वदेशी हथियारों का प्रदर्शन कर यह दर्शाने का भरसक प्रयास किया है कि भारत रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। मालूम हो कि चीन के साथ चल रहे सीमा विवाद को लेकर दोनों देशों की सेना आमने-सामने खड़ी है। ऐसी स्थिति में भारत को सामरिक क्षेत्र में मजबूत होना होगा। आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान हर घर तिरंगा कार्यक्रम आयोजित करने से देश में देशभक्ति की भावना का संचार हुआ है। खासकर युवा वर्ग को इससे जोड़ने की जो कोशिश हुई वह सराहनीय कदम है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इसी चीज को उजागर किया है। साथ ही अगले 25 वर्ष के दौरान भारत को विकसित भारत बनाने का जो सपना देखा है उसमें सबको सहयोग करना चाहिए। विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब इसके लिए सभी लोग एकजुट होकर काम करें।
भ्रष्टाचार व परिवारवाद
