स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष के मौके पर आजादी का अमृत महोत्सव के तीन दिवसीय भव्य समारोह की शुरुआत शनिवार से हो गई। प्रदेश की राजधानी के साथ ही पूरे राज्य में हर घर तिरंगा के अभियान से लोग जुड़ते देखे गए। असम के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और सरकार के कई मंत्रियों और सत्तारूढ़ दल के विधायकों ने 15 अगस्त तक चलने वाले इस उत्सव में हिस्सा लिया। देश के अन्य प्रदेशों के साथ ही असम के लोग भी बढ़-चढ़ कर हर घर तिरंगा अभियान का हिस्सा बन रहे हैं। आजादी का अमृत महोत्सव केंद्र सरकार के प्रगतिशील भारत के 75 साल और देश की जनता, संस्कृति और उपलब्धियों के गौरवशाली इतिहास का जश्न मनाने के लिए सरकार की एक पहल है जिससे पूरे देश के लोगों को जोड़ने का प्रयास किया गया है। हालांकि ऐसे भी लोग हैं जिसने सत्तारूढ़ दल के विरोध के लिए राष्ट्रीय ध्वज तथा देश की 75वीं वर्षगांठ का विरोध कर रहे हैं। यह त्योहार देश के लोगों को समर्पित है, जिन्होंने न केवल भारत की विकास यात्रा में भूमिका निभाई है,बल्कि उनमें प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की शक्ति और क्षमता भी है।