लखनऊ: विशेष सेवा क्षेत्र की सुविधाएं देने वालों को भी गुड्स सर्विस टैक्स (जीएसटी) देना होगा। दो लाख कारोबारियों को टैक्स के दायरे में लाने के लिए पंजीकरण का अभियान चलाया जाएगा। आयुक्त राज्य कर मुख्यालय ने इस संबंध में सोमवार को विभागीय अधिकारियों को निर्देश भेज दिया है। प्रदेश का टैक्स बढ़ाने के लिए अन्य श्रेणी के व्यापारियों का पंजीकरण बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है। विभागीय स्तर पर इसके लिए रणनीति तैयार की गई है। इसके लिए तीन महीने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। काउंसिल ने हाल में जीएसटी के दायरे में शामिल किए गए सर्विस सेक्टर को जोडऩे का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कह चुके हैं कि यूपी एक उपभोक्ता राज्य हैं। देश का बड़ा राज्य होने के नाते यहां व्यापारियों की संख्या भी काफी अधिक है। इसलिए व्यापारियों का पंजीकरण बढ़ाने, सत्यापन, निरस्तीकरण, संशोधन और खारिज कराने का अभियान चलाया जाए। इसके अलावा रिटर्न स्क्रूटनी, रिफंड क्लेम व स्क्रूटनी, प्रवर्तन संबंधी सूचना, हाई वैल्यू ई-वे बिल जारी करने संबंधी कार्रवाई को प्राथमिकता पर करने के निर्देश दिए हैं।