नई दिल्लीः बाजार में सब्जियों की कीमतें एक बार फिर आसमान छूने लगीं हैं। खुले बाजार में टमाटर 40 से 60 रुपए किलो, बैगन 60 रुपए किलो, आलू 30 रुपए किलो तो शिमला मिर्च 60 से 80 रुपए किलो तक बिक रहा है। इससे आम आदमी को एक बार फिर महंगाई की तगड़ी मार झेलनी पड़ रही है। लेकिन सब्जियों की बढ़ी कीमत का बड़ा हिस्सा किसानों के खाते में नहीं, बल्कि खुदरा दुकानदारों के हिस्से में जा रहा है। मंडी से खुदरा दुकानदारों तक पहुंचने में सब्जियां दो से तीन गुना तक महंगी हो रही हैं। यानी खुदरा दुकानदार सब्जियों की कीमत दो-तीन गुना महंगी करके बेच रहे हैं। आजादपुर सब्जी मंडी में (एक अगस्त 2022) को टमाटर का मॉडल रेट 13.50 रुपए था, जबकि खुले बाजार में यही टमाटर 40 रुपए किलो में मिल रहा है। इस प्रकार टमाटर के मंडी के मूल्य और खुले बाजार में मूल्य में सीधे तीन गुने तक का अंतर है। प्रीमियम टमाटर का मंडी का रेट 26 रुपए किलो था जो खुले बाजार में 60 रुपए किलो तक में बिक रहा है। इसी प्रकार बैगन का मॉडल रेट 18.50 रुपए और प्रीमियम रेट 30 रुपए किलो था, जबकि खुले बाजार में बैगन 60 रुपए किलो बिक रहा है। यानी बैगन भी बाजार में मंडी के मूल्य से तीन गुने तक की कीमत में बिक रहा है। आलू का मॉडल रेट 17.25 रुपए था, जबकि बाजार में इसी आलू की कीमत 25 से 30 रुपए है। प्याज का मॉडल रेट 11.75 रुपए था, जबकि खुले बाजार में यही प्याज 25 से 30 रुपए किलो बिक रहा है। गोभी का मॉडल रेट 28.75 रुपए था जो खुले बाजार में 60 से 80 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है। मंडी में 35 रुपए किलो वाला अदरक बाजार में 80 रुपए किलो, 23 रुपए किलो वाली भिंडी 40 से 50 रुपए किलो और 13 रुपए किलो वाला कद्दू खुले बाजार में 40 रुपए किलो बिक रहा है। लगभग हर सब्जी मंडी से खुले बाजार में दो से तीन गुना तक महंगी बिक रही है। आजादपुर सब्जी मंडी के चेयरमैन आदिल अहमद खान ने अमर उजाला को बताया कि कुछ सब्जियों की कीमत में पिछले समय के हिसाब से बढ़ोतरी हुई है। इसका बड़ा कारण है कि सब्जियों को उगाने में किसानों की लागत बढ़ गई है। बिजली-डीजल महंगा होने से सब्जियों की सिंचाई महंगी हो गई है, जिसकी इस व्यापार में बहुत ज्यादा जरूरत पड़ती है।
मंडी से थाली तक के सफर में तीन गुनी महंगी हो रहीं सब्जिया
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