नई दिल्ली: एयर इंडिया का अधिग्रहण करने के बाद अब टाटा ग्रुप एयरलाइन कंपनी में बड़े पैमाने पर बदलाव की तैयारी कर रही है। टाटा ग्रुप ने अधिग्रहण करने के बाद बीते 12 मई को एयरलाइन की दुनिया में लंबा अनुभव रखने वाले कैंपबेल विल्सन को एयर इंडिया का नया सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त करने की घोषणा की। उनके नाम को बीते दिनों गृह मंत्रालय की ओर से जरूरी सुरक्षा क्लीयरेंस भी मिल गई है, इससे उनके एयर इंडिया के सीईओ और एमडी के रूप में पदभार ग्रहण करने का रास्ता साफ हो गया है। इस बीच, एयर इंडिया ने एक बड़ा फैसला लेते हुए एक टेंडर जारी किया है। यह टेंडर एयर इंडिया ने अपने हवाई बेड़े के तीन विमानों को बेचने के लिए निकाला है। एयर इंडिया ने अपने बेड़े में शामिल तीन बी777-2000एलआर वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट को बेचने की निविदा जारी की है। इन विमानों को वर्ष 2009 में निर्मित किया गया है। टाटा ग्रुप ने इसी साल 27 जनवरी को एयर इंडिया का अधिग्रहण किया था। अब टाटा ग्रुप विमानन कंपनी के पुनरुद्धार के लिए कमर कस चुका है। इसी कड़ी में कंपनी विमान निर्माता कंपनियों एयरबस और बोईंग से कई विमानों की खरीदारी के लिए बातचीत कर रहा है। एयर इंडिया ने अपने हवाई बेड़े में शामिल तीन विमानों को बेचने के लिए निकाले गए टेंडर में तीन वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट जो जीई90-110 इंजन से लैस हैं, उन्हें बेचने की इच्छा जताई है। टेंडर के अनुसार इन विमानों के लिए 16 अगस्त 2022 तक बोली लगाई जा सकेगी। जिन विमानों की बिक्री के लिए एयर इंडिया ने निविदा जारी की है इन विमानों का इस्तेमाल लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों खासकर भारत और अमेरिका के बीच हवाई सेवा के संचालन के लिए किया जा सकता है।
एयर इंडिया के अधिग्रहण के बाद टाटा ग्रुप का बड़ा फैसला कंपनी ने अपने बेड़े के तीन विमानों को बेचने के लिए निकाला टेंडर
