पर्यावरण को बचाने और धरती को हराभरा करने की मुहिम वन विभाग मानसून सीजन में शुरू करेगा। जैसे ही गर्मी का असर कम होने लगेगा। वन विभाग पौधे लगाने का अभियान शुरू करेगा। इस साल वन विभाग ने अपनी नर्सरियों में 15 लाख 52 हजार 490 पौधे तैैयार किए हैं। इनमें छायादार, इमारती, ईंधन, सजावटी व फलदार पौधे शामिल हैं। प्री-मानसून शुरू होते ही इन पौधों को सार्वजनिक स्थानों पर लगाने का कार्य शुरू किया जाएगा। इन पौधों से हरियाली बढ़ेगी, जिससे प्रदूषण स्तर कम होगा।वन विभाग ने जो 15 लाख 52490 हजार पौधे तैयार किए हैं उनमें 196915 पौधे छायादार हैं। इनमें नीम, बरगद, पीपल, पिलखन, कुसुम, बकैन, बहेरा शामिल हैं। इनमें 655234 इमारती लकड़ी के पौधे हैं। जिनमें शीशम, सफेदा, तुन, सिंबल, अर्जुन, सिरस, खैर के पौधे शामिल हैं। ईंधन में प्रयोग होने वाले किकर, डैंक, पहाड़ी पपरी व अन्य के करीब 58790 पौधे तैयार किए गए हैं। 188060 सजावटी पौधे जिनमें अमलतास, कचनार, गुलमोहर, सिल्वर ओक व सदाबहार के पौधे शामिल हैं। सजावटी पौधे ज्यादातर सडक़ों के डिवाइडर पर लगाने जाते हैं। जबकि 453491 फलदार पौधे तैयार किए गए हैं। आम, जामुन, अमरूद, अनार, इमली, पपीता, नींबू, बेरी, आंवला, बेल पत्थर व अन्य फलों के पौधे स्कूलों के विद्यार्थियों, ग्रामीणों व बाग तैयार करने में लगाए जाएंगे। एग्रो फारेस्ट को बढ़ावा देने के लिए भी वन विभाग ने पोपलर चार लाख पौधे अलग से तैयार कर रहा है। गत वर्ष 12 रुपए की दर से पौधे किसानों को उपलब्ध कराए गए थे। जिले के खेतों में पोपलर काफी लगाया जाता है क्योंकि यहां पर हजारों की संख्या में प्लाईवुड फैक्ट्रियां हैं। जिनमें पोपलर व सफेदे की लकड़ी से प्लाई तैयार हो रही है। इसके अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश व दूसरे जिलों से भी लकड़ी बड़ी मात्रा में मानकपुर व मंडौली लक्कड़ मंडी में आती है।