नई दिल्ली: ओडिशा स्थित नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (एनआईएनएल) को टाटा ग्रुप की एक फर्म को सौंपने का काम जुलाई के मध्य तक पूरा होने की संभावना है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। टाटा स्टील की यूनिट टाटा स्टील लॉन्ग प्रोडक्ट्स (टीएसएलपी) ने इस साल जनवरी में 12,100 करोड़ रुपए के उद्यम मूल्य पर एनआईएनएल में 93.71 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने की बोली जीती थी। कंपनी ने जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड, नलवा स्टील एंड पावर लिमिटेड और जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड के एक गठजोड़ को पीछे छोड़ते हुए यह सफलता हासिल की थी। एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि लेनदेन अंतिम चरण में है और अगले महीने के मध्य तक हस्तांतरण हो जाना चाहिए। चूंकि सरकार की कंपनी में कोई हिस्सेदारी नहीं है, इसलिए बिक्री से होने वाली आय राजकोष में जमा नहीं होगी और इसके बजाय चार सीपीएसई और ओडिशा सरकार के दो पीएसयू में जाएगी। बता दें कि नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड का कलिंगनगर, ओडिशा में 1.1 मीट्रिक टन क्षमता वाला एक इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट है। यह सरकारी कंपनी भी भारी घाटे में चल रही है और यह प्लांट 30 मार्च, 2020 से बंद है। कंपनी पर 31 मार्च 2021 को 6,600 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज और देनदारियां हैं, इसमें प्रमोटरों का 4,116 करोड़ रुपए, बैंकों का 1,741 करोड़ रुपए अन्य लेनदारों और कर्मचारियों का भारी बकाया शामिल है।
टाटा की हुई एक और सरकारी कंपनी जुलाई से सौंप दी जाएगी जिम्मेदारी
