नई दिल्लीः एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड ने होम लोन की ब्याज दरों में 60 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की है। इस फैसले के बाद से अब होम लोन पर 7.50 फीसदी के हिसाब से ब्याज चुकाना होगा। नई ब्याज दर 20 जून से लागू हो गई हैं। इससे पहले एसबीआई, आईसीआईसीआई और एचडीएफसी सहित अन्य बैंक भी होम लोन की ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर चुके हैं। कम लोन-टु-वैल्यू (एलटीवी) रेश्यो लोन लेना आसान कर सकता है। इसका मतलब है कि घर खरीदने के लिए लोगों को अपना कॉन्टि्रब्यूशन ज्यादा रखना होगा। कम एलटीवी रेश्यो चुनने से प्रॉपर्टी में खरीदार का कॉन्टि्रब्यूशन बढ़ जाता है। इससे बैंक का जोखिम कम होता है। इससे आपको लोन मिलने के चांस बढ़ जाएंगे। आमतौर पर बैंक प्रॉपर्टी की कीमत का 75-90 फीसदी तक का लोन देता है। ऐसे में शेष राशि को लोन लेने वाले को डाउनपेमेंट या मार्जिन कॉन्टि्रब्यूशन के रूप में चुकाना होता है। इसके बिना लोन नहीं मिलेगा। जब कोई बैंक में लोन के लिए अप्लाई करता है तो बैंक फिक्स ऑब्लिगेशन टु इनकम रेश्यो (एफओआईआर) भी देखता है। इससे पता चलता है कि लोन लेने वाला व्यक्ति हर महीने लोन की कितने रुपए तक की किस्त दे सकता हैं। एफओआईआर से पता चलता है कि ग्राहक को पहले से जा रही ईएमआई, घर का किराया, बीमा पॉलिसी और अन्य भुगतान मौजूदा आय का कितना फीसदी है। अगर लोन दाता को लोन लेने वाले के ये सभी खर्च उसकी सैलरी के 50 फीसदी तक लगते हैं तो वह लोन एप्लीकेशन को रिजेक्ट कर सकता है। इसीलिए यह ध्यान भी रखें कि लोन की रकम इससे ज्यादा न हो। कई बैंक समय से पहले लोन अदा करने पर पेनाल्टी लगाते हैं। ऐसे में बैंकों से इस बारे में पूरी डिटेल ले लें, क्योंकि समय से पहले लोन चुकाने पर बैंकों को उम्मीद के मुताबिक कम ब्याज मिलता है। ऐसे में उनकी ओर से कुछ टर्म एडं कंडीशन लगाए जाते हैं। इसलिए होम लोन लेते वक्त इस बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लें।