डिजिटल लेनदेन के मामले में हाल ही में भारत ने नया रिकॉर्ड बनाया है। भारत ने यूपीआई लेनदेन के मामले में मई 2022 में 10 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार किया है, जो कि अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है। लेकिन इस दौरान डिजिटल फ्रॉड के मामले में इजाफा हुआ है। ऐसे में डिजिटल लेनदेन के दौरान कुछ खास बातों का ख्याल रखना चाहिए। जो इस प्रकार हैं-

अनजान नंबर से पेमेंट : किसी भी अनजान नंबर से एक्सेप्ट करने या फिर किसी भी अनजान नंबर पर पेमेंट करने से पहले हमेशा ध्यान रखना चाहिए। यूजर्स को किसी भी नंबर पर पेमेंट करने से पहले डबल-चेक कर लेना चाहिए।

फेक यूपीआई एप्लीकेशन : मार्केट में कई तरह के फेक यूपीआई ऐप्लीकेशन मौजूद हैं, जो यूजर्स की पीआई डिटेल चोरी करने काम करते हैं। यह एक तरह के क्लोन ऐप होते हैं, जो दिखने में बिल्कुल ओरिजनल ऐप की तरह होते हैं। जिनसे यूजर्स का संवेदनशील डेटा चोरी किया जा सकता है। ऐसे में यूपीआई पेमेंट ऐप को डाउनलोड करने से पहले डबल वेरिफिकेशन जरूर करना चाहिए। 

यूपीआई और पीआई पिन शेयर न करें : यूपीआई पेमेंट यूजर्स को किसी के साथ अपना यूपीआई और यूपीआई पिन नहीं शेयर करना चाहिए। बैंक या कोई भी अन्य सरकारी संस्था कभी भी आपसे पिन के बारे में नहीं पूछता है। अक्सर देखा जाता है कि फ्रॉड करने वाले लोग केवाईसी अपडेट के नाम पर आपसे यूपीआई पिन मांग लेते हैं। ऐसे में ऐसे फोन कॉल्स या मैसेज से सावधान रहना चाहिए।

पीआई पिन चेंज करते रहें : आपको हर महीने अपने पीआई पिन को बदलते रहना चाहिए। अगर आप हर महीने से नहीं बदल सकते तो हर तिमाही पीआई पिन एक बार जरूर बदल लें।

पीआई लिमिट सेट करें : यूपीआई लेनदेन के लिए आपको ट्रांजैक्शन लिमिट सेट कर लेना चाहिए। मतलब अगर आप 1 हजार की लिमिट सेट करते हैं, तो एक दिन में आप यूपीआई के जरिए एक निश्चित मात्रा में शॉपिंग या फंड ट्रांसफर नहीं कर पाएंगे।