गोवा के वन मंत्री विश्वजीत राणे ने रविवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मांडवी नदी के पार एक निर्जन द्वीप का दौरा किया और कहा कि उनका विभाग द्वीप पर मैंग्रोव के 1,500 पौधे लगाएगा। राणे ने संवाददाताओं से कहा कि हम किसी भी कीमत पर मैंग्रोव को नष्ट नहीं होने देंगे। मैंग्रोव को नष्ट करने वाली किसी भी परियोजना की अनुमति नहीं दी जाएगी। मैंग्रोव ऐसी झाड़ी व वृक्ष होते हैं, जो खारे पानी या अर्ध-खारे पानी में पाए जाते हैं। अक्सर यह ऐसे तटीय क्षेत्रों में होते हैं, जहां कोई नदी किसी सागर में बह रही होती है, जिस से जल में मीठे पानी और खारे पानी का मिश्रण होता है। मैंग्रोव वनों का पारिस्थितिकी की दृष्टि से बहुत महत्व है, क्योंकि यह तटों को स्थिरता प्रदान करते हैं और बहुत प्राणी, मछली और पक्षी जातियों को निवास व सुरक्षा प्रदान करते हैं। राणे ने वन विभाग के कुछ अधिकारियों और एक गैर-सरकारी संगठन के सदस्यों के साथ दलदली मनकुलेम द्वीप' (अर्थात् छोटा द्वीप) के एक हिस्से की यात्रा की। राणे ने कहा कि राज्य के वन विभाग के ‘पर्यावरण की तटीय रक्षा’ कार्यक्रम के तहत इस निर्जन द्वीप पर मैंग्रोव के 1,500 पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वन विभाग ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं।