बीजिंग : चीन एलन मस्क की सैटेलाइट स्टारलिंक के नेटवर्क से डर रहा है। अब उसने स्टारलिंक के नेटवर्क को तबाह करने के लिए नई टेक्नोलॉजी की खोज शुरू कर दी है। चीन को डर है कि ये सैटेलाइट अमरीकी सेना की मदद कर सकते हैं, जो उसके लिए खतरा बनेंगे। साउथ चाइना मार्निंग पोस्ट के मुताबिक, बीजिंग इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रैकिंग एंड टेलीकम्युनिकेशन्स और चीन की डिफेंस इंडस्ट्री स्टारलिंक सैटेलाइट को जरूरत पडऩे पर नाकाम करने को लेकर खोज कर रही है। रिसर्चर्स ने एक स्टडी पब्लिश की है। इस स्टडी में कहा गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होने पर एलन मस्क के स्टारलिंक को तबाह कर दिया जाएगा। इसमें बताया गया है कि स्टारलिंक सैटेलाइट को नाकाम करने के लिए टेक्नोलॉजी बनाई जा रही है। रिसर्चर्स का कहना है कि एक ऐसा सिस्टम बनाया जाएगा जो स्टारलिंक की एक्टिविटी को ट्रैक और मॉनिटर करेगा। चीन को इस बात  का डर है कि ये सैटेलाइट अमेरिकी सेना की मदद कर सकता है। स्टारलिंक अमरीकी ड्रोन और स्टेल्थ फाइटर जेट्स की डेटा ट्रांसमिशन स्पीड को 100 गुना बढ़ा सकता है। एलन मस्क की कंपनी स्पेस एक्स ने स्टारलिंक सैटेलाइट का एक नेटवर्क बनाया है। इसमें हजारों छोटी-छोटी सैटेलाइट हैं, जो धरती के लो अर्थ ऑरबिट में मौजूद हैं। ये सैटेलाइट इंटरनेट की सुविधा देती हैं। हाल ही में रूस की रोस्कोस्मोस अंतरिक्ष एजेंसी के प्रमुख दिमित्री रोगोजिन ने मस्क को धमकी दी थी। दरअसल, फरवरी में रूसी सैनिकों ने यूक्रेन में इंटरनेट सुविधा को तबाह कर दिया था। इसके बाद से ही मस्क की कंपनी स्पेसएक्स यूक्रेन में इंटरनेट सुविधा प्रदान कर रही है और सैनिकों की मदद कर रही है।