गुवाहाटी : ऑयल इंडिया बोर्ड ने आज शुक्रवार को आयोजित अपनी 532वीं बोर्ड बैठक में वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही के परिणामों को मंजूरी दे दी। वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही के विवरण और मार्च 2021-22 के समाप्त वित्तीय वर्ष के परिणामों के अनुसार ऑयल इंडिया लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान 3,887.31 करोड़ रुपए का कर पश्चात लाभ (पीएटी) दर्ज किया , जबकि पिछले वर्ष के दौरान यह 1741.59 करोड़ रुपए थी। इस तरह कंपनी ने अपने मुनाफा में 123.20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कीै। बताते चलें कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान 14,530.18 करोड़ रुपए टर्नओवर दर्ज किया गया। वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान कारोबार 8,604.90 करोड़ रुपए था। वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भी टर्नओवर और पीएटी में पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही की तुलना में क्रमश: 73.85 प्रतिशत और 92.32 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। ऑयल समूह की कंपनियों का समेकित कारोबार 2021-22 में बढक़र 30,011.20 करोड़ रुपए हो गया,जो पिछले वित्त वर्ष में 22,484.13 करोड़ रुपए ही था, जो वित्तीय वर्ष 2021-22 में ऑयल ग्रुप का पीएटी 2020-21 में 4,145.97 करोड़ रुपए से बढक़र 6,719.21 करोड़ रुपए हो गया। इसके अलावा वित्त वर्ष 2022 में प्रति शेयर आय (ईपीएस) वित्त वर्ष 2021 के 16.06 रुपए प्रति शेयर से बढक़र 35.85 रुपए प्रति शेयर तक पहुंच गया। बोर्ड ने वित्त वर्ष 2022 के लिए 5 रुपए प्रति शेयर के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। कंपनी ने पहले वित्त वर्ष 2022 के लिए 9.25 रुपए प्रति शेयर के अंतरिम लाभांश का भुगतान किया है। इस वर्ष में कुल लाभांश 14.25 रुपए प्रति शेयर होगा।
ऑयल ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में दर्ज किया सबसे अधिक मुनाफा