नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को करीब तीन महीने का समय बीत चुका और यह अभी भी जारी है। इसका विपरीत प्रभाव संघर्ष शुरू होते ही दिखने लगा था और इसका बुरा असर दुनियाभर में महंगाई के रूप में नजर भी आ रहा है। इस बीच विश्व बैंक के प्रमुख डेविड मालपास ने कहा है कि यूक्रेन युद्ध के साथ तेजी से बदल रहे वैश्विक घटनाक्रम के चलते अर्थव्यवस्था पर तगड़ी चोट पड़ रही है। उन्होंने वैश्विक मंदी की आशंका जाहिर की है।  विश्व बैंक के प्रमुख ने बुधवार को एक अमरीकी व्यापार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की है। रिपोर्ट के मुताबिक मालपास ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यूक्रेन पर रूस के हमले से दुनिया पर वैश्विक मंदी का खतरा मंडराने लगा है, क्योंकि खाद्य, ऊर्जा और उर्वरक की कीमतों में उछाल आया है। महंगाई की मार से एक-दो देश नहीं बल्कि ज्यादातर मुल्क प्रभावित हैं। मालपास ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के संकुचित होने के बढ़ते जोखिम पर जारी चेतावनी में कहा कि जैसा कि हम वैश्विक जीडीपी को देख रहे हैं, फिलहाल यह कहना मुश्किल है कि हम मंदी से कैसे बचेंगे। उन्होंने कहा कि तेल की कीमतों ने दुनियाभर के देशों में मुद्रास्फीति में उछाल में बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ईंधन की कीमतों को दोगुना करने का विचार ही अपने आप में मंदी को मजबूत करने के लिए पर्याप्त है। मालूम हो कि पिछले महीने विश्व बैंक ने अपने वैश्विक आर्थिक विकास के अनुमान को घटाकर 3.2 फीसदी तक कर दिया था। रिपोर्ट में कहा गया कि ईंधन की तेजी से बढ़ती कीमतों से यूरोप की सबसे बड़ी और दुनिया की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था भी संकट में आ चुकी है। डेविड मालपास का कहना है कि विकासशील देश भी उर्वरक, खाद्यान्न और ईंधन की कमी से प्रभावित हो रहे हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के अलावा विश्व बैंक प्रमुख ने चीन के प्रमुख शहरों में लाकडाउन लगाए जाने को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की है और कहा है कि कोरोना की नई लहरों ने चीन के विकास की उम्मीदों को धुंधला कर दिया है।