नई दिल्ली : ऑस्ट्रेलिया की सियासत में शनिवार (21 मई) को बड़ा उलटफेर हुआ। स्कॉट मॉरिसन की लिबरल पार्टी को मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी ने चुनाव में मात दे दी। हालांकि, लेबर पार्टी बहुमत के आंकड़ों से दूर है। माना जा रहा है कि निर्दलीय या छोटी पार्टियों की मदद से सरकार बन जाएगी। लेबर पार्टी के नेता एंथनी अल्बनीस ऑस्ट्रेलिया के नए प्रधानमंत्री होंगे। एंथनी अल्बनीस 26 साल से फेडरल पार्लियामेंट में हैं। सिडनी में जन्मे अल्बनीस ऑस्ट्रेलिया के 31वें प्रधानमंत्री बनेंगे। सिंगल मदर के बेटे अल्बनीस 1996 में पहली बार सांसद बने थे। उस वक्त जॉन हॉवर्ड देश के प्रधानमंत्री बने थे। अर्थशास्त्र के छात्र रहे अल्बनीस केविन रुड और जूलिया गिलार्ड सरकार में मंत्री रह चुके हैं। 2013 में अल्बनीस उप-प्रधानमंत्री भी थे। वह 2019 से ऑस्ट्रेलिया के नेता प्रतिपक्ष हैं। आइए जानते हैं 59 साल के एंथनी भारत को लेकर क्या सोचते हैं? क्वााड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने को लेकर अल्बनीस ने क्या कहा? दो दिन पहले ही अल्बनीस ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि वह चुनाव जीत जाएंगे। हुआ भी यही। इंटरव्यू में अल्बनीस ने कहा था कि चुनाव जीतने के बाद रविवार या सोमवार को वह शपथ ग्रहण करेंगे और फिर क्वााड शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए जापान के टोक्यो के लिए रवाना हो जाएंगे। इंटरव्यू में भारत के साथ रिश्तों को लेकर भी अल्बनीस बोले। उन्होंने कहा कि वह क्वााड में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए उत्सुक हैं, क्योंकि भारत ऑस्ट्रेलिया का अहम दोस्त है। ऑस्ट्रेलिया के नए प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस दो बार भारत का दौरा भी कर चुके हैं। पहली बार वह 1991 में भारत आए थे। उस वक्त वह छात्र राजनीति में सक्रिय थे। इसके बाद वह 2018 में दूसरी बार भारत आए। उस वक्त वह ऑस्ट्रेलिया के संसदीय प्रतिनिधिमंडल की अगुआई कर रहे थे। उस दौरान उन्होंने देश के कई केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात भी की थी। दो दिन पहले ही अल्बनीस ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि वह चुनाव जीत जाएंगे। हुआ भी यही। इंटरव्यू में अल्बनीस ने कहा था कि चुनाव जीतने के बाद रविवार या सोमवार को वह शपथ ग्रहण करेंगे और फिर क्वााड शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए जापान के टोक्यो के लिए रवाना हो जाएंगे।
मोदी से मिलने को बेताब हैं ऑस्ट्रेलिया के नए प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस
