नई दिल्ली : एयर इंडिया के टाटा ग्रुप के हाथों में आने के बाद देश की एयरलाइंस इंडस्ट्री में खलबली मची है। महाराजा का चेहरा चमकाने के लिए टाटा ग्रुप ने व्यापक योजना बनाई है। इस योजना को अमली जामा पहनाने के लिए एविएशन सेक्टर के दिग्गज न्यूजीलैंड के कैंपबेल विल्सन को एयर इंडिया का सीईओ और एमडी बनाया गया है। एयर इंडिया से मिलने वाली संभावित चुनौती से दूसरी एयरलाइन कंपनियों के कान खड़े हो गए हैं। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने इस चुनौती को गंभीरता से लिया है। कंपनी ने केएलएम रॉयल डच एयरलाइंस के प्रेजिडेंट और सीईओ पीटर्स एल्बर्स को नया सीईओ बनाया है। 52 साल के एल्बर्स इसी साल एक अक्तूबर से इंडिगो की कमान संभालेंगे। वह रोनोजय दत्ता की जगह लेंगे। 71 साल के दत्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और वह 30 सितंबर को रिटायर होंगे। जाहिर है कि टाटा ग्रुप और इंडिगो के बीच मुकाबले का स्टेज सज चुका है। टाटा ग्रुप के पास एयर इंडिया समेत चार एयरलाइन कंपनियां हैं। 50 साल के विल्सन को एविएशन इंडस्ट्री में 26 साल का अनुभव है। अभी वह सिंगापुर एयरलाइंस की किफायती विमान सेवा स्कूट के सीईओ हैं। मतलब साफ है कि टाटा ग्रुप और इंडिगो के बीच वर्चस्व की लड़ाई दो विदेशी महारथियों की अगुवाई में लड़ी जाएगी। इंडिगो अंतर्राष्ट्रीय रूट्स पर अपना विस्तार करना चाहती है जबकि विल्सन की जिम्मेदारी एयर इंडिया को उसका पुराना गौरव दिलाने की है। टाटा ने महाराजा को उसका पुराना गौरव लौटाने के लिए व्यापक योजना बनाई है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में एयर इंडिया देसी-विदेशी कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकती है। अभी एयर इंडिया देश की सबसे बड़ी इंटरनेशनल एयरलाइन है। एविएशन सेक्टर के जानकारों का कहना है कि अगर टाटा ग्रुप एयर इंडिया की चमक वापस लाने में सफल रहा तो इंटरनेशनल ट्रैफिक में उसके लिए बहुत संभावनाएं हैं। अभी इस पर विदेशी एयरलाइंस का दबदबा है। भारत-अमरीका रूट्स पर एयर इंडिया की सफलता इस बात का साफ प्रमाण है कि भारतीय एयरलाइन कंपनियों के लिए डायरेक्ट फ्लाइट्स की मांग है। लेकिन इसके लिए उन्हें यात्रियों की उम्मीदों पर खरा उतरना होगा। एक एयरलाइन कंपनी के एग्जीक्यूटिव ने कहा कि युवाओं को आकर्षित करने के लिए एयर इंडिया को अपनी इमेज में बदलाव करने की जरूरत है। इंडिगो के सीईओ रोनोजॉय दत्ता कई बार कह चुके हैं कि उनकी कंपनी को टाटा ग्रुप के तहत एयर इंडिया से एक नई और वास्तविक चुनौती मिलेगी। कंपनी ने इस चुनौती को भांपते हुए रणनीति शुरू कर दी है। यही वजह है कि करीब साल से आपस में लड़ रहे इंडिगो के प्रमोटर्स राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल ने भी सारे गिले-शिकवे खत्म कर दिए थे। इंडिगो देश की सबस बड़ी घरेलू एयरलाइन है और उसकी योजना इंटरनेशनल रूट्स का विस्तार करने की है। यानी साफ है कि आने वाले दिनों में टाटा ग्रुप और इंडिगो में कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।