नई दिल्ली : रतन टाटा देश के सबसे प्रतिष्ठित उद्योगपतियों में शामिल हैं। देश के आम लोग उन्हें एक हीरो की तरह देखते हैं। यही वजह है कि उनके और टाटा फाउंडेशन के नाम पर चल रहे कई फर्जी फेसबुक पेज को भी बड़ी संख्या में लोग फॉलो करते हैं। रतन टाटा ने खुद ‘रतन टाटा फाउंडेशन’ के नाम से चल रहे एक फर्जी फेसबुक पेज को फ्लैग किया है। दिग्गज उद्योगपति ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए इस पूरे मामले को शेयर किया है। उन्होंने फर्जी फेसबुक पेज का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा है, ‘हम आपको इस फर्जी पेज के बारे में बताना चाहते हैं, जो मेरे सहकर्मियों का नाम लेकर हेल्प के बदले में रुपए मांगकर आम लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहा है।’ 84 वर्षीय रतन टाटा ने अपने फॉलोअर्स को आगाह करते हुए लिखा है  ‘हम किसी भी रूप में फंड्स एक्सेप्ट नहीं करते हैं।’ हालांकि, रतन टाटा के स्क्रीनशॉट शेयर करने के बाद अब फेसबुक पर वह पेज अवेलेबल नहीं है। रतन टाटा ने कहा कि उनकी टीम इस पेज को क्रिएट करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने अपने फॉलोअर्स से पेज को रिपोर्ट करने को भी कहा था। रतन टाटा ने अपने फॉलोअर्स से कहा है कि वे कंपनी के नाम पर बने पेज की सत्यता की जांच कंपनी को मेल करके कर सकते हैं। टाटा ट्रस्ट ही टाटा संस की परोपकारी संस्था है। रतन टाटा फाउंडेशन के नाम से कंपनी का कोई संगठन नहीं है। हालांकि, रतन टाटा ट्रस्ट की स्थापना 1919 में हुई थी।