गुवाहाटी : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान गुवाहाटी में स्वचालन, सत्यापन और सुरक्षा (एवीएस) लैब के शोधकर्ताओं ने तेज और कुशल कंप्यूटिंग के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद एकीकृत सर्किट (आईसी) विकसित करने की दिशा में काम किया है। इस अनुसंधान में स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक्स डिजाइन प्रक्रिया जैसे संश्लेषण, सत्यापन और सुरक्षा के सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा और इससे हमारे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में सहायता मिलेगी। अनुसंधान के निष्कर्ष आईईईई के शीर्ष स्तरीय पत्रिकाओं और सम्मेलनों में प्रकाशित किए गए हैं। अनुसंधान टीम को भारत सरकार के ईसीआर, सीआरजी और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और इंटेल (भारत) से एक शोध फैलोशिप के तहत अंत:विषय साइबर-भौतिक प्रणाली (आईसीपीएस) अनुदान द्वारा वित्तीय सहायता मिली है। अनुसंधान टीम का नेतृत्व डॉ. चंदन कर्फा, एसोसिएट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी गुवाहाटी ने किया है और उनके शोध छात्रों में मोहम्मद अब्देरहमान, देबदरा सेनापति, सुरजीत दास, प्रियंका पाणिग्रही और निलोत्पला शर्मा शामिल हैं। इस प्रयास में पूर्व छात्र रामानुज चौकसे, जय ओझा, योम निगम, अब्दुल खादर और जयप्रकाश पाटीदार ने भी सहयोगिता दी हैं। टीम ने विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ सहयोग किया है। उल्लेखनीय है कि डॉ. चंदन कर्फा क्वालकॉम फैकल्टी अवार्ड 2021 के प्राप्तकर्ता भी हैं।
आईआईटी गुवाहाटी ने आईसी के डिजाइन के लिए विकसित की प्रौद्योगिकी
