गुवाहाटी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहभागी लोकतंत्र में विश्वास रखते है। शासन की प्रक्रिया को जमीनी स्तर तक ले जाने के लिए उन्होंने हमेशा लोगों से सीधे संवाद पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, असम सरकार ने नागरिकों के साथ सीधे जुडऩे और लोगों को राज्य की विकास यात्रा के बारे में बताने के लिए एक मासिक न्यूज़लेटर प्रकाशित करने का निर्णय लिया है। न्यूजलेटर का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में, वर्तमान सरकार की पहली वर्षगांठ के अवसर पर किया गया। न्यूजलेटर असम के लोगों को उनकी सरकार और उसकी नीतियों से जुड़े रहने में सक्षम बनाएगा। असम वार्ता (असम की आवाज) नामक समाचार पत्र, राज्य सरकार के नवीनतम कार्यक्रमों और नीतियों के बारे में पाठकों को अपडेट करेगा। नागरिकों, बुद्धिजीवियों और स्वतंत्र पत्रकारों को इस न्यूज़लेटर के माध्यम से असम सरकार को रचनात्मक सुझाव देने का अवसर भी मिलेगा। असम सरकार असम वार्ता की व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पहले चरण में, विभिन्न आधुनिक तकनीकों जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम, ई-मेल, एसएमएस और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक करोड़ पाठकों तक पहुंचने का लक्ष्य है। असम वार्ता की 10,000 से अधिक प्रकाशित संख्या जिला और ब्लॉक स्तर पर सभी राज्य सरकार के कार्यालयों और देश भर के प्रतिष्ठित नागरिकों को समय-समय पर मुद्रित और वितरित की जाएंगी। असम देश के पहले राज्यों में से एक होगा जिसने अपना समाचार पत्र लॉन्च किया और इससे सरकार और उसके नागरिकों के बीच सीधे संचार में एक नया बेंचमार्क लाने की उम्मीद है। सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (डीआईपीआर) के तत्वावधान में कार्य करते हुए, असम वार्ता की अपनी संपादकीय संरचना होगी जिसमें एक संपादकीय बोर्ड के साथ एक मुख्य संपादक बिष्णु कमल बरा, निदेशक, डीआईपीआर और चार सदस्य शामिल होंगे- अर्थात् वासबीर हुसैन, अनुराधा शर्मा पुजारी, गुरमेल सिंह और बिजय शंकर बरा। पहला संस्करण एक वर्षगांठ विशेष होगा, इसमें 16 पृष्ठ हैं। डीआईपीआर के निदेशक और प्रकाशन के प्रधान संपादक श्री बोरा ने कहा कि असम वार्ता को चार भाषाओं, असमिया, बंगाली, अंग्रेजी और हिंदी में छापा जाएगा।