एक युवा प्रकृृति प्रेमी ऐसा भी है जिसने कक्षा सात में ट्यूशन पढ़ाकर व रद्दी बेचकर आसपास के स्कूलों में पौधारोपण कराया। उसने 11 सालों में 80 हजार तुलसी के पौधे वितरित कर प्रकृृति प्रेम का ऐसा संदेश दिया जो अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बन गया। शहर के लखनऊ रोड निवासी अमित आर्या पेशे से शिक्षक हैं। इन दिनों वह एससी बोस पीजी कॉलेज में शिक्षक के पद पर हैं। वह बताते हैं कि जब वह कक्षा सात में थे तो भी प्रकृृति को हरा भरा करने व पर्यावरण को लेकर सोच रखते थे। जेब खर्च नहीं था तो घर में रद्दी आदि बेचकर मिलने वाले पैसे से अपनी कालोनी के आसपास के स्कूलों में पौधे लगवाते रहे। स्नातक स्तर तक पहुंचे तो ट्यूशन पढ़ाने लगे और पौधे लगवाने लगे। यही नहीं वर्ष 2011 से वह लगातार पर्यावरण को शुद्ध करने का उद्देश्य लेकर तुलसी के पौधे रोपित कराते आ रहे हैं। अब तक वह 80 हजार तुलसी के पौधे निश्शुल्क वितरित कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त और हरियाली युक्त करने की प्रेरणा आर्य समाज संस्थापक महर्षि दयानंद के क्रांतिकारी सत्यार्थ प्रकाश को पढऩे के बाद मिली। इसके बाद वह तुलसी के पौधों को वितरित करते के साथ ही अपनी धरा व प्रकृृति को प्रदूषण मुक्त करने के लिए लगातार हवन भी कर रहे हैं। वर्ष 2019 में जामा मस्जिद, मंदिर व गुरुद्वारा में 251 से अधिक पौधे रोपित कर चुके हैं। बावन ब्लाक में उच्च प्राथमिक विद्यालय ऐजा के सहायक अध्यापक श्याम जी गुप्ता भी प्रकृृति प्रेमी हैं। प्रकृृति के प्रति अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए उन्होंने अब तक 16 वृक्ष भंडारों का आयोजन करा दिया। इन भंडारों में करीब 10 हजार से अधिक पौधों का महादान किया। श्याम  गुप्ता बताते हैं कि वर्ष 2017 से उन्होंने वृक्ष भंडारों की शुरुआत की। न्यू सनबीम स्कूल में विश्व पृथ्वी दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। प्रधानाचार्या ममता मिश्रा ने छात्र-छात्राओं को धरती, पर्यावरण व पेड़-पौधों को लेकर जानकारी दी। इस दौरान छात्र छात्राओं ने पौधारोपण भी किया।