गुवाहाटी: समाज में फैले अंधविश्वास डायन हत्या के खिलाफ काम कर रही मानव प्रेमी पद्मश्री बीरुबाला राभा( 72) के जीवन पर असमिया, हिंदी व अंग्रेजी भाषा में जल्द फिल्म बनेगी। इस फिल्म का निर्माण कामरुपा क्रिएशन के बैनर तले होगा। इस फिल्म में जुड़े घटित हर सत्य घटना को यथावत रूप में दर्शकों तक पहुंचाने के लिए तीन सदस्यीय एक रिसर्च कमेटी बनाई गई है। इसकी जानकारी क्रिएशन के प्रमुख तथा फिल्म निर्माता-निदेशक भारत कलिता ने दी। साथ ही कहा कि यह फिल्म प्रद्मश्री राभा के जीवन पर आधारित होगी। इसके शोध काम शुरू हो गए हैं, इसके लिए तीन सदस्यीय एक कमेटी बनाई गई है। शोध का काम पूरा होने के बाद फिल्म का निर्माण कार्य शुरू होगा। साथ ही वर्ष 2023-24 के अंदर फिल्म को रिलीज किया जाएगा। हिंदी भाषा में यह फिल्म वाणिज्यिक रूप से तथा असमिया में कला तथा अंग्रेजी में कला तथा वाणिज्यिक दोनों को ध्यान में रखकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बनाई जाएगी। इस मौके पर क्रिएशन की ओर से पद्मश्री राभा को सम्मानित किया गया। वहीं सम्मान पाने के बाद उन्होंने कहा कि मेरे जीवन पर चलचित्र निर्माण की बात सुनकर में आनंदित हूं। सभी मानव कुछ लाभ कमाई का सोच कर सामज के हित के लिए काम नहीं करते हैं, परंतु अधिकाधिक बिना किसी नाम व चर्चा के नि:स्वार्थ रूप से समाजहित के लिए काम करते हैं। समाज में फैले कुसंस्कार को रोकने के लिए मन लगाकार काम करना चाहिए। मैं मृत्यु आने के अंतिम छण तक समाज में फैली बुराई, अंधविश्वास व कुसंस्कार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखूंगी। चाहे इसके लिए चाहे हमें कितने भी संघर्ष का सामना करना पड़े। इसके साथ ही अकेली महिला, विधवा महिला, बेसहारा महिला की रक्षा के साथ उसकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए हमेशा आवाज बुलंद करती रहूंगी। संपत्ति दखल के लिए डायन के नाम पर निरीह लोगों की हत्याएं की जा रही हैंं। आधुनिक युग में ओझा, वैद्य आदि के चक्कर में नहीं पडक़र उचित चिकित्सा परामर्श लेने का राज्यवासियों से आह्वान किया। मौके पर विशिष्ट अभिनेत्री चेतना दास ने भी समाज में फैली वर्षों पुरानी कुप्रथा को हटाने पर बल दिया।