देहरादून : विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट मंगलवार को अक्षय तृतीया के दिन वैदिक मंत्रोच्चराण पूजा अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। गंगोत्री धाम के कपाट 11:15 व यमुनोत्री के कपाट ठीक दोपहर 12:15 मिनट पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले गए। वहीं मंगलवार को दोनो धामों के कपाट खुलने के बाद चारधाम यात्रा का भी विधिवत शुभारंभ हो गया। केदारनाथ धाम के कपाट छह मई और बदरीनाथ धाम के कपाट आठ मई को खुलेंगे।  मंगलवार को सुबह प्रात: 06 बजे मां गंगा की डोली भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर से गंगोत्री के लिए रवाना हुई। जो कि ठीक साढ़े आठ बजे गंगोत्री धाम पहुंची। जहां तीर्थ पुरोहितों ने रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ 11:15 पर गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिये गए।  इस मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, जिला पंचायत संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भट्ट, पालिकाध्यक्ष रमेश सेमवाल, मंदिर समिति के अध्यक्ष हरीश सेमवाल, सचिव  सुरेश सेमवाल, डीएम अभिषेक रुहेला, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी, सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद थे।  वहीं दूसरी ओर, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट आज अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर दोपहर 12:15 बजे शुभलग्नानुसार अभिजीत मुहूर्त में विधिवत पूजा अर्चना के बाद देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। अब आज से छह महीने तक श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन यमुनोत्री धाम में कर सकेंगे। अक्षय तृतीया को सुबह मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली में तीर्थ पुरोहितों द्वारा विधिवत पूजा, अर्चना कर मंदिर से यमुना की उत्सव मूर्ति को बाहर निकाला गया तथा डोली में रखा रखकर पूजा अर्चना की।