कोलंबो : गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहे श्रीलंका की तरफ एक बार फिर मदद का हाथ बढ़ाते हुए भारत ने उसे ईंधन खरीद के लिए 20 करोड़ डॉलर की एक और ऋण सुविधा दी है। श्रीलंका के बिजली एवं ऊर्जा मंत्री कंचन विजयशेखर ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि भारत पहले ही 20 करोड़ डॉलर की अतिरिक्त ऋण सुविधा दे चुका है। उन्होंने कहा कि इस ऋण सुविधा का इस्तेमाल मई में ईंधन की चार खेप के लिए किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के साथ 50 करोड़ डॉलर की एक और ऋण सुविधा के बारे में बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। इसके पहले भी भारत से मिली 50 करोड़ डॉलर की ऋण सुविधा में से 40 करोड़ डॉलर का इस्तेमाल श्रीलंका मार्च और अप्रैल ईंधन खरीद के लिए कर चुका है। विजयशेखर ने कहा कि बाकी बचे हुए 10 करोड़ डॉलर का भी इस्तेमाल मई में ईंधन की दो खेप खरीदने के लिए किया जाएगा। श्रीलंका पिछले कुछ महीनों से विदेशी मुद्रा की किल्लत होने से ईंधन एवं अन्य जरूरी वस्तुओं की भी खरीदारी नहीं कर पा रहा है। ऐसी स्थिति में भारत लगातार उसकी मदद के लिए आगे आया है। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने कहा कि जनवरी में श्रीलंका को दी गई 40 करोड़ डॉलर की अदला-बदली सुविधा की मियाद बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा भारत, श्रीलंका से आयात के एवज में मिलने वाले 1.5 अरब डॉलर के भुगतान को भी टालने पर सहमत हो गया है। विजयशेखर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम बढऩे से मई में ईंधन आयात पर खर्च करीब 58 करोड़ डॉलर रहने का अनुमान है जबकि तीन महीने पहले इसपर 20 करोड़ डॉलर की लागत आई थी।
श्री लंका को ईंधन खरीद के लिए 20 करोड़ डॉलर का ऋण देगा भारत
