शिलांग: शिलांग के राजस्थान विश्राम भवन  में 3 मई को भगवान परशुराम जयंती मनाने की तैयारी अखिल भारतीय खांडल विप्र महासभा शाखा सभा शिलांग के तरफ से चल रही है । सदस्यों ने भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को अत्यंत ही पुण्यदाई माना गया है। इस त्योहार का अपना ही खास महत्व होता है। भगवान विष्णु के अवतार परशुराम जी का जन्म वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हुआ था। इस वजह से हर वर्ष परशुराम जयंती इस तिथि को मनाई जाती है। अक्षय तृतीया  के दिन भगवान विष्णु ने अपना छठा अवतार परशुराम के रुप में लिया था। भगवान विष्णु का ये अवतार आवेशावतार माना जाता है। उन्होंने माता रेणुका के गर्भ से ऋषि जमदग्नि के घर जन्म लिया था। कहा जाता है कि क्षत्रियों के घमंड को तोडऩे के लिए परशुराम ने उनका 21 बार संहार किया था।