गुवाहाटी: कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन भारतीय उद्यमिता संस्थान, गुवाहाटी का दो दिवसीय 28वां स्थापना दिवस मनाया। उत्प्रेरक और मौजूदा उद्यमियों के साथ-साथ ट्राइफेड, एपीटीडीसी डब्ल्यूपीटीबीसी, आईआईई के पूर्व निदेशकों जैसे विभिन्न प्रचार संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। मौके पर उपस्थित गणमान्य लोगों ने इस क्षेत्र के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए एक मॉडल के रूप में उद्यमी समाज को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। स्वतंत्रता सेनानी और पहले भारतीय चाय बागान मालिक मनिराम दीवान के अग्रणी योगदान को भी याद किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण उभरते उद्यमी परिदृश्य अवसर और चुनौतियां उद्यमियों से अंतर्दृष्टि नामक विषय पर पैनल चर्चा हुई। जिसमें अरिजीत पुरकायस्थ, गुणजीत ब्रह्मा, जौतिश्मान दत्त, संजीव शर्मा ने भाग लिया। मौके पर उद्यमियों ने अपनी यात्रा के दौरान जिन चुनौतियों का सामना किया, उन्हें पारिस्थितिकी तंत्र से आवश्यक समर्थन पर चर्चा की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रीपर्णा बी. बरुवा, प्रमुख, सीआईई,आईआईई ने किया। चर्चा के बाद चयनित उद्यमियों द्वारा हितधारकों और क्षेत्र के परिप्रेक्ष्य के साथ एक संवाद सत्र और पूर्वोत्तर क्षेत्र के उद्यमियों का अभिनंदन किया गया। डॉ ललित शर्मा, निदेशक, आईआईई ने संस्थान की अब तक की यात्रा और इसकी महत्वपूर्ण गतिविधियों और उपलब्धियों के बारे में सभा को संबोधित किया। साथ ही कृष्णा बरुवा, डॉ. श्रीपर्णा बी. बरुवा, प्रशांत गोस्वामी, डॉ. शांतनु मोहन डेका के साथ अन्य गणमान्य अधिकारी उपस्थित थे।