दुनियाभर में पानी को लेकर जागरूकता एक बड़ा मुद्दा बन चुकी है। क्योंकि तमाम देशों में पानी की समस्या एक बड़े संकट के रूप में सामने आ रही है। कुछ देश इसे लेकर पहले से सावधान हो गए हैं। पानी बचाने के लिए कई देशों में तरह तरह की योजनाएं और जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। ऐसे ही देशों में आस्ट्रेलिया और जर्मनी भी हैं, जहां पानी बचाने वाले सरकार धन देती है। आस्ट्रेलिया के कई राज्यों में 2003 से लेकर 2012 तक भीषण सूखा पड़ा। आस्ट्रेलियाई राज्य विक्टोरिया में पानी का लेवल 20 फीसदी कम हो गया। सरकार ने इससे निपटने के लिए लोगों को वाटर को रिसाइकल करने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग के प्रति जागरुक किया। अब आस्ट्रेलिया में कई शहरों में एक जल योजना चलाई जा रही है। इसके तहत जो भी लोग अपने घरों के वाटर लीक को दुरुस्त करा लेंगे, उन्हें 100 डॉलर की छूट मिलेगी।
वाटर लीक ठीक कराइए पैसा पाइए : इसके लिए आपको बस आनलाइन ये बताना होता है कि आपके पास पानी की लीकेज खोजने वाला उपकरण है। ये उपकरण तुरंत घर के किसी भी हिस्से में हो रही पानी की लीकेज या बर्बादी के बारे में बता देता है। इसके बाद आपको तुरंत आनलाइन करीब रहने वाले लाइसेंसी प्लंबर को बुक करके उसे ठीक कराना होता है।
जर्मनी में पानी बचाने पर मिलता है पैसा : जर्मनी की सरकार भी इसी से मिलता जुलता प्रोजेक्ट चलाती है। इनका नाम नेशनल रेन वाटर और ग्रे वाटर प्रोजेक्ट है। सरकार पानी की बचत वाली तकनीक अपनाने वालों को आर्थिक मदद भी देती है। इससे वहां पानी का संकट दूर हो सका। जर्मनी में दुनिया के सबसे ज्यादा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट हैं।
जर्मनी में एक बूंद भी बर्बाद नहीं होती : वैसे भी कहा जाता है कि जर्मन पूरी दुनिया में पानी की बचत करने में सबसे आगे हैं। वो पानी की एक बूंद भी बर्बाद नहीं होने की आदत रखते हैं। पिछले कई सालों में उन्होंने प्रति व्यक्ति पानी की खपत को कम किया है। जर्मनी में 1980 से ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर काम हो रहा है। जर्मनी में रेन वाटर हार्वेस्टिंग छोटे स्तर पर शुरू हुआ। इस शुरू करने के पीछे पर्यावरण के प्रति संवेदनशील लोग थे। लेकिन धीरे-धीरे इसमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से पब्लिक बिल्डिंग और यहां तक इंडस्ट्री भी जुडऩे लगी। रेन वाटर का ज्यादातर इस्त्तेमाल यहां पीने के अलावा दूसरे कामों जैसे टॉयलेट आदि में होता है। जर्मनी वेस्ट वाटर का भी रिसाइकल के जरिए 95 फीसदी तक इस्तेमाल करता है। वहां सबसे ज्यादा 10,000 वाटर ट्रीटमेंट प्लांट हैं। वहां की 99 फीसदी आबादी सार्वजनिक वाटर सप्लाई सिस्टम से जुड़ी हुई है।
दूसरे देशों में कैसे हो रहा है ये काम : ब्राजील, सिंगापुर, आस्ट्रेलिया, चीन, जर्मनी और इजरायल पानी के संकट से निपटने में सबसे उन्नत तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। पानी के संकट को दूर करने का सबसे सस्ता और अच्छा उपाय है पानी की बचत। पानी का कम से कम इस्तेमाल। कई देशों ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) को अपनी सेंट्रल वाटर मैनेजमेंट प्लान का हिस्सा बनाया है। उनका सबसे ज्यादा जोर वर्षा के जल को इकट्ठा करने पर है।