बेलतला: जिस तरह से पूरे देश में भाजपा का कम्युनल एजेंडा चल रहा है उसके विरोध में और जिन 55 से 60 प्रतिशत लोगों ने भाजपा को नापसंद किया है उनके लिए हम एक मंच देना चाहते हैं तथा जिस तरह से भाजपा ने बंगाल में तीन चार हजार करोड़ खर्च करने के बावजूद सत्ता नहीं पा सकी तो हमारा मानना है कि दूसरे प्रदेशों में भी तृणमूल कांग्रेस की सरकार बन सकती है। उपरोक्त आशय की बाते तृणमूल कांग्रेस की सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता महुआ मोईत्रा ने गौहाटी में पूर्वांचल प्रहरी के साथ एक साक्षात्कार के दौरान कहीं। अपने गुवाहाटी दौरे पर आई महुआ मोईत्रा ने तृणमूल कांग्रेस असम के नए अध्यक्ष रिपुन बोरा से लेकर अन्य विभिन्न विषयों पर खुल कर बात कीं। असम को लेकर उनके एजेंडा के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि असम में हमारे पास रिपुन बोरा के रूप में एक अच्छा नेतृत्व है जिनके पास राज्यसभा से लेकर प्रदेश संगठन का विराट अनुभव है उनके साथ ही असम के कई जिलों के बड़े पदाधिकारियों का समूह है उसको लेकर हम एक व्यापक रणनीति बनाएंंगे, एक सवाल के जवाब में सांसद महुआ मोईत्रा ने बताया कि असम में राज्यसभा चुनाव में एक बात तो साफ हो गई कि बीजेपी, कांग्रेस और एआईयूडीएफ में मिलीभगत है, सीएए को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सांसद ने बताया कि हमारी पार्टी का आज भी वही पुराना स्टैंड है कि यह बीजेपी का सत्ता में आने का राजनीतिक पैंतरा था नहीं तो 3 साल के बावजूद रुल्स को नोटिफाई क्यों नहीं किया गया, अगर इतना गंभीर थे तो बंगाल में किए गए वादे के अनुसार 12 लाख मतुआ समुदाय को नागरिकता के बारे में कोई कदम क्यों नहीं उठाया गया। भाजपा केवल वादों का ढोल पीटने वाली पार्टी है। जमीनी स्तर पर कोई काम दिखाई नहीं देता है जिसके चलते असम सहित पूरे देश में भयंकर महंगाई और बेरोजगारी है। पूर्वांचल प्रहरी संवाददाता ने जब बंगाल के बारे में सवाल किया तो उन्होंने बताया कि बंगाल का ज्यादातर हिस्सा ग्रामीण क्षेत्र में आता है जहां प्रदेश की कई योजनाओं का लाभ सभी को मिल रहा है, असम में अल्फा समस्या के समाधान के बारे में पूछने पर महुआ मोईत्रा ने बताया कि आजकल के नौजवान कुछ लोगों के बहकावे में आकर शार्टकट का रास्ता अपनाते हैं जो बहुत खतरनाक है, हमें उनकी भावनाओं को समझना होगा, नए नवेले प्रदेश अध्यक्ष के राज्यसभा में भेजने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये तो हमारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के हाथ में और वही कुछ बता सकती हैं, हां मेरी शुभकामना उनके साथ है, वहीं हालिया घटनाक्रम जिग्नेश मेवाणी को लेकर उन्होंने बताया कि उनके साथ गलत हो रहा है। सांसद से पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई पर की गई टिप्पणी के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि हमें उनको ज्यादा महत्व नहीं देना चाहिए, वहीं लोकसभा में उनके आक्रामक लहजे को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि संसद विपक्षी पार्टियों का भी प्रतिनिधित्व करता है और हमें अपनी बातों को दमदार तरीके से रखनी चाहिए ताकि लोगों को लगे कि उनका प्रतिनिधि उनके लिए कुछ कर रहा है। एक अन्य सवाल में ममता बनर्जी और उनके बीच अनबन की खबरों को उन्होंने सोशल मीडिया की देन बताया, बंगाल में हमेशा सुनने को को मिलने वाला कटमनी प्रचलन के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि यह शब्द बीजेपी है लेकिन कोई भी आदमी या सरकार एकदम परफेक्ट नहीं होता है दो पांच प्रतिशत लोग हर जगह गलत होते हैं और ऐसा अगर सिर्फ बंगाल में होता तो हम तीसरी बार और भी मजबूती से सत्ता में नहीं आते।