कोरोना एक बार फिर दुनिया के देशों में पांव पसारने लगा है। कोरोना के उत्पत्ति स्थल चीन में अभी भयंकर स्थिति है। शंघाई सहित कई शहरों में लॉकडाउन लगा हुआ है। इसका प्रभाव और कई देशों में भी पडऩे लगा है। अब भारत के कुछ राज्यों में भी कोरोना संक्रमण में वृद्धि होने लगी है। दिल्ली में कोरोना संक्रमण की संख्या में लगातार वृद्धि होने लगी है। कोरोना की संभावित चौथी लहर को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 27 अप्रैल को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के उप-राज्यपालों के साथ वर्चुअल बैठक की है। मुख्यमंत्रियों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि अभी कोरोना का खतरा खत्म नहीं हुआ है, चुनौती अभी भी बरकरार है। ऐसी स्थिति में सभी राज्यों को अभी से कमर कस लेने की जरूरत है। मालूम हो कि अभी तक देश में 90 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने कोरोना की पहली और दूसरी खुराक ले ली है। लेकिन तीसरी खुराक के मामले में आंकड़ा उत्साहजनक नहीं है। अभी तक केवल 28 प्रतिशत लोगों ने ही प्री-कॉशन डोज ली है। प्रधानमंत्री ने देश के सभी योग्य बच्चों के लिए टीकाकरण अभियान तेज करने पर बल दिया है। मोदी ने कहा है कि इस काम में शिक्षकों एवं अभिभावकों को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। अभी देश में 12-14 आयुवर्ग के बच्चों को बड़े पैमाने पर वैक्सीन दी जा रही है। अब 6-12 आयुवर्ग के बच्चों को वैक्सीन देने की प्रक्रिया को मंजूरी दे दी गई है। वैक्सीनेशन की गति बढऩे से कोरोना को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भारत को कई तरह की चुनौतियों से रू-ब-रू होना पड़ा था। इस लहर के दौरान बहुत लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। देश में चिकित्सा सेवा चरमरा गई थी। लेकिन तीसरी लहर के दौरान ज्यादा नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि ज्यादातर आबादी को वैक्सीनेशन के दायरे में लाया जा चुका था। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने भी कोरोना की तीसरी डोज की रफ्तार कम होने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इसे और तेज करने की जरूरत है। अभी तक असम में 95 प्रतिशत लोगों को पहली डोज तथा 85 प्रतिशत लोगों को दूसरी डोज दी जा चुकी है। संभावित खतरे को देखते हुए अभी से तैयारी करने की जरूरत है। कोरोना के कारण देश की अर्थ-व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमत से महंगाई सातवें आसमान पर पहुंच गई है। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में पेट्रोलियम पदार्थों पर वैट घटाने का अनुरोध भी किया है। देश को महंगाई से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है। साथ ही राज्यों को कोरोना से निपटने के अभी से पूरी तैयारी करनी होगी।