गुवाहाटी नगर निगम (जीएमसी) की साठ सीटों के लिए आगामी 22 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए चुनाव प्रचार आज शाम खत्म हो गया। 24 अप्रैल को मतगणना होगी। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन गुवाहाटी नगर में राजनीतिक गहमागहमी रही। विभिन्न पार्टियों के उम्मीदवारों ने जुलूस निकाल कर अपना शक्ति प्रदर्शन किया। जगह-जगह नारों से आसमान गूंजता रहा। जुलूस में वाहनों के काफिले के कारण पूरे नगर में ट्रैफिक जाम की समस्या रही। लोगों को अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेता पिछले कई दिनों से चुनावी मैदान में उतर चुके थे। सत्ताधारी भाजपा भी जीएमसी चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा से जोडक़र देख रही है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा पिछले तीन-चार दिनों से धुआंधार प्रचार कर रहे थे। 19 अप्रैल को मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा ने फैंसीबाजार में चुनावी सभा कर अपने उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया। मुख्यमंत्री के अलावे केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, असम के जीडीडी मंत्री अशोक सिंघल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भवेश कलिता समेत कई भाजपा नेताओं ने पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में चुनावी रैलियों में हिस्सा लिया। कांग्रेस की तरफ से कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष भूपेन बोरा, सांसद गौरव गोगोई सहित कई नेताओं ने अपने उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार किया। अगप की तरफ से अतुल बोरा एवं कार्यकारी अध्यक्ष केशव महंत ने भी प्रचार अभियान में हिस्सा लिया। नगर निकाय के चुनाव में भी भाजपा का प्रदर्शन शानदार रहा। भाजपा गठबंधन जीएमसी चुनाव में भी बेहतर प्रदर्शन कर शक्ति प्रदर्शन करना चाहती है। मुख्यमंत्री डॉ. शर्मा का प्रचार अभियान में उतरना यह दर्शाता है कि भाजपा इस चुनाव को भी गंभीरता से ले रही है। जीएमसी के 60 वार्डों के लिए हो रहे चुनाव में कुल 200 उम्मीदवार मैदान में हैं। गुवाहाटी के मतदाता 789 मतदान केंद्रों पर उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। राज्य चुनाव आयोग ने 50 प्रतिशत सीटों को महिलाओं के लिए आरक्षित किया है। कामरूम (मेट्रो) जिला प्रशासन स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। मतदान के लिए साढ़े तीन हजार से ज्यादा जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी एवं जवान ड्ïयूटी पर तैनात किए गए हैं। मतदान के दिन किसी भी अप्रत्याशित घटना को रोकने के लिए पुलिस के कई दस्ते तैयार किए गए हैं। जीएमसी चुनाव की अपनी अलग अहमियत है। मुख्यमंत्री ने प्रचार अभियान के दौरान मतदाताओं को आश्वासन दिया है कि प्रत्येक वार्ड में सडक़ों के निर्माण एवं मरम्मत के लिए 10-10 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। चुनाव प्रचार खत्म होने के साथ ही अब उम्मीदवार अपनी अलग रणनीति बनाने में जुट गए हैं। उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतदाताओं के पाले में है। अब मतदान के बाद ही पता चल पाएगा कि जीएमसी पर किसका कब्जा होगा?