केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी को हरा-भरा बनाने के लिए सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल अब सडक़ें बनाने के लिए किया जाएगा। इसकी शुरुआत हो चुकी हैं। पुडुचेरी-कुडलोर बेल्ट में 200 मीटर की सडक़ प्लास्टिक के इस्तेमाल से बनाई जाएगी। इस सडक़ का निर्माण अरियानकुप्पम पंचायत कम्यून, त्यागराजर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के प्रोफेसर आर. वासुदेवन की देखरेख में होगा। डीएसटीई के सूत्रों ने बताया कि ट्रायल के बाद 200 मीटर लंबी सडक़ प्लास्टिक का उपयोग करके पूरी हो जाएगी। समय के साथ पूरे क्षेत्र में प्लास्टिक के इस्तेमाल से सडक़ों का निर्माण कराया जाएगा। प्रो. वासुदेवन ने कहा कि हम 200 मीटर सडक़ बनाने के लिए 500 किलोग्राम प्लास्टिक का उपयोग करेंगे। इसमें हमारा साथ पुडुचेरी प्रदूषण नियंत्रण समिति (पीपीसीसी) भी देगी। पुडुचेरी के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण विभाग (डीएसटीई) के अधिकारियों ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग से बिटुमेन की आवश्यकता 10 प्रतिशत कम हो जाएगी। यही नहीं, सडक़ों को बिछाने की लागत में भी भारी कमी आएगी। आकड़ों पर नजर डालें तो, केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी एक दिन में लगभग 25 टन सिंगल यूज प्लास्टिक (एसयूपी) का उत्पादन करता है। प्लास्टिक को पुनर्नवीनीकरण नहीं किया जा सकता। ऐसे में सडक़ निर्माण के लिए इसका इस्तेमाल पर्यावरण के लिए वरदान साबित होगा। सडक़ निर्माण का काम 19 अप्रैल को शुरू हो जाएगा। उससे पहले प्रोफेसर वासुदेवन 18 अप्रैल को पीडब्ल्यूडी अधिकारियों, इंजीनियरों, डीएसटीई, स्थानीय प्रशासन विभाग, प्रदूषण विभाग के अधिकारियों और स्थानीय निकायों के साथ एक बैठक करेंगे।