गुवाहाटी : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी द्वारा एनटीपीसी के साझेदारी में पावर प्लांट्स से कार्बन-डाई ऑक्साइड अभिग्रहण के लिए ऊर्जा दक्ष प्रौद्योगिकी अभिकल्पित एवं विकसित किया गया है। इस स्वदेशी प्रौद्योगिकी को प्रो. बिष्णुपद मंडल, रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग, आईआईटी गुवाहाटी के नेतृत्व में एक अनुसंधान टीम द्वारा विकसित किया गया है। इस प्रौद्योगिकी में राष्ट्र के लिए अनेक विदेशी मुद्रा बचाए जाने की क्षमता है। इस परियोजना के फलस्वरूप, तेल, प्राकृतिक गैस, बायोगैस उद्योगों, और पेट्रोलियम रिफाइनरियों को लाभ होगा7 इस परियोजना द्वारा, अनुसंधान और शिक्षा के माध्यम से, संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एस डी जी) को भी समर्थन और मजबूती प्राप्त होगी। प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक अनुप्रयोगों और लाभों पर विस्तार से उल्लेख करते हुए, आई आई टी गुवाहाटी के रासायनिक अभियांत्रिकी विभाग के प्रोफेसर बिष्णुपाद मंडल ने कहा, मानव द्वारा सृजित कार्बन-डाई ऑक्साइड उत्सर्जन में वृद्धि होना ग्लोबल वार्मिंग के लिए जिम्मेदार कारणों में से एक है। इस वैश्विक चुनौती को दूर करने के लिए वैज्ञानिक समुदाय द्वारा व्यापक शोध प्रयास किए जा रहे हैं जिसमें कार्बन-डाई ऑक्साइड कैप्चर के लिए दक्षता सुधार के माध्यम से मौजूदा प्रौद्योगिकियों में संशोधन किया जाना शामिल हैं। इस प्रौद्योगिकी का उपयोग कम मात्राओं में खाद्य ग्रेड कार्बन-डाई ऑक्साइड के उत्पादन के लिए मुख्यत: कोयला और गैस से चलने वाले विद्युतीय संयंत्रों में किया जाता है। आईआईटी गुवाहाटी द्वारा फ्लू गैस से ष्टह्र2 कैप्चर के लिए एक ऊर्जा-दक्ष अमाइन आधारित प्रक्रिया विकसित किया गया है। विद्युत क्षेत्र में विकास, भारत के महत्वाकांक्षी नीति लक्ष्य सभी के लिए बिजली को प्राप्त करने और अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में महत्वपूर्ण वृद्धि को बनाए रखने के लिए एक पूर्वापेक्षा है। साथ ही, भारत द्वारा कार्बन-डाई ऑक्साइड उत्सर्जन को घटाने के उद्देश्य से विकसित प्रौद्योगिकियों के अनुसंधान और विकास के लिए विश्व के प्रयासों को समर्थन किया जा रहा है। इस प्रौद्योगिकी द्वारा इन दोनों लक्ष्यों को एक साथ प्राप्त करने में मदद प्राप्त होगा।
आईआईटी गुवाहाटी और एनटीपीसी का विद्युत सयंत्रों से कार्बन-डाई ऑक्साइड अभिग्रहण के लिए ऊर्जा दक्ष प्रौद्योगिकी किया गया विकसित
