कहते हैं आवश्यकता ही आविष्कार की जननी होती है। जब तक हमें किसी चीज की सख्त आवश्यकता नहीं होती तब तक उस चीज को पाने की दिशा में कोई भी आविष्कार व्यक्ति के दिमाग में ही नहीं आता। इसी प्रकार की आवश्यकता आज पूरी दुनिया को महसूस हो रही है जिसका नाम है ग्लोबल वार्मिंग से बचाव। धरती का तापमान आए दिन बढ़ता ही जा रहा है जिसके लिए पर्यावरण का शोषण एक प्रमुख कारण बना हुआ है। हम जितना अधिक पर्यावरण के अनुरूप चीजों को उपयोग करेंगे उतना ही अधिक ग्लोबल वार्मिंग पर अंकुश लगा पाएंगे। पर्यावरण के अनुरूप और ग्लोबल वार्मिंग के साथ-साथ लोगों के घरों का तापमान भी कम करने के लिए एक व्यक्ति ने बहुत ही सराहनीय आविष्कार किया है। हरियाणा के रोहतक के रहने वाले डॉक्टर शिव दर्शन मलिक ने गाय के गोबर का प्रयोग करते हुए सीमेंट और ईटें बनाई है। यह सीमेंट ईट और पेंट पूर्ण रूप से इको फ्रेंडली यानी पर्यावरण के संरक्षण के अनुरूप है। डॉक्टर शिव दर्शन मलिक इस व्यापार को पिछले 5 वर्षों से करते आ रहे हैं। और अब इनके द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट की देश के कई राज्यों में मांग बढ़ रही है। शिव दर्शन मलिक किसी समय एक कॉलेज में विद्यार्थियों को पढ़ाने का काम किया करते थे। परंतु बाद में उन्होंने वह नौकरी छोड़ दी और अपने गांव में रहकर भी कुछ नया करने के बारे में सोचने लगे और अपने गांव के लोगों की आर्थिक परिस्थिति को भी मजबूत करने की दिशा में शिव दर्शन मलिक विचार करने लगे। इसी बीच शिवदर्शन मलिक आईआईटी दिल्ली के वेस्ट टू हेल्थ अभियान के साथ जुड़े और उस दिशा में काम करने लगे। साल 2004 में शिव दर्शन मलिक ने वर्ल्ड बैंक और साल 2005 में यूएनडीपी के साथ भी रिन्यूएबल एनर्जी को लेकर काफी सराहनीय काम किया। वर्ल्ड बैंक और यूएनडीपी के साथ काम करने के दौरान ही सुदर्शन मलिक को अमेरिका और इंग्लैंड का दौरा करने का अवसर मिला। विदेशों के दौरे करते समय शिव दर्शन मलिक ने इस बात को नोटिस किया कि वहां के लोग सीमेंट के घरों में रहने की बजाय इको फ्रेंडली घर बनाकर पर्यावरण के अनुकूल रहना पसंद कर रहे हैं और धीरे-धीरे उस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। वहीं से शिव दर्शन मलिक के भी दिमाग में यह आईडिया आया कि क्यों ना अपने देश में भी इस दिशा में कोई अच्छा कार्य किया जाए। शिव दर्शन मलिक ने इस क्षेत्र में रिसर्च करना तुरंत आरंभ कर दिया। शिव दर्शन मलिक ने बचपन में देखा था कि गांव में लोग अपने घर की लिपाई पुताई गोबर और मिट्टी से करते हैं जिसके कारण घर गर्मियों में काफी ठंड और ठंडी के मौसम काफी गर्म रहते हैं। इसीलिए शिव दर्शन मलिक में भी गोबर और मिट्टी से ही सीमेंट बनाने का आविष्कार किया और साल 2015 में अपने गांव में है एक कारखाने की शुरुआत कर दी जिसमें वह गोबर में जिप्सम, ग्वारगम, चिकनी मिट्टी और नींबू पाउडर मिलाकर इको फ्रेंडली सीमेंट बनाने लगे। शिव दर्शन मलिक ने इस सीमेंट का प्रयोग सबसे पहले खुद ही किया और बाद में अपने गांव के लोगों को इस सीमेंट का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया। धीरे-धीरे लोगों को इस सीमेंट की मजबूती और पर्यावरण के प्रति अनुकूलता पसंद आई। शिव दर्शन मलिक के द्वारा बनाया गया यह सीमेंट आस-पास के गांव वाले भी धीरे धीरे खरीदने लगे। शिव दर्शन मलिक ने इस क्षेत्र में और भी रिसर्च जारी रखी और साल 2019 में उन्होंने गाय के गोबर से ईट और पेंट बनाने की भी शुरुआत कर दी।