गुवाहाटीः आगामी 19 अप्रैल को होने वाले गुवाहाटी नगर निगम (जीएमसी) चुनाव के मद्देनजर बुधवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 53 उम्मीदवार, भाजपा घटक दल असम गण परिषद (अगप)के 7,कांग्रेस के 60, आम आदमी पार्टी (आप) के 42 उम्मीदवार, व बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार समेत कुल 213 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया। उल्लेखनीय है कि जीएमसी चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की आज अंतिम तारीख थी। हालांकि मंगलवार से ही नामांकन पत्र दाखिल करने का सिलसिला शुरू हो गया था। मालूम हो कि जीएमसी चुनाव में पहली बार महिलाओं को विशेष रूप से तरजीह देते हुए उनके लिए इस चुनाव में 50 प्रतिशत सीट आरक्षित की गई है। भाजपा समेत सभी दलों ने महिलाओं को चुनावी मैदान में उतारा है। उल्लेखनीय है कि आज सुबह साढ़े दस बजे के बाद से भाजपा, कांग्रेस, आप, अगप के अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपने समर्थकों के साथ कामरूप (मेट्रो) जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और जिला उपायुक्त के अलावा संबंधित अधिकारी को अपने-अपने नामांकन पत्र सौंपे। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भवेश कलिता शशांक ज्योति डेका के साथ, पूर्व गुवाहाटी के विधायक प्रमोद स्वामी के साथ, पूर्व मेयर मृगेन सरनिया के साथ प्रदेश भाजपा के सांगठनिक महासचिव फनींद्र नाथ शर्मा, गुवाहाटी संसदीय क्षेत्र की सांसद क्वीन ओजा, पूर्व सांसद रमेन डेका के अलावा भाजपा के कई वरिष्ठ नेता पार्टी के उम्मीदवारों के साथ उनका हौसला बढ़ा रहे थे। उल्लेखनीय है कि पं.गुवाहाटी के अगप के विधायक रमेंद्र नारायण कलिता भी अपने उम्मीदवार के साथ खड़े दिखे। हालांकि कांग्रेस का कोई बड़ा नेता अपने उम्मीदवार के साथ नहीं दिखा। इस बार जीएमसी चुनाव में हिंदी भाषी के पांच से अधिक उम्मीदवारों ने आज पर्चा भरा। 31 नंबर वार्ड से भाजपा प्रत्याशी रत्ना सिंह, 15 नंबर वार्ड से सौरभ झुनझुनवाला व अन्य, 16 नंबर वार्ड से भाजपा उम्मीदवार प्रमोद स्वामी, कांग्रेस के उम्मीदवार दीपक प्रसाद, आप के उम्मीदवार रामावतार परिहार व निर्दलीय उम्मीदवार गौतम शर्मा के अलावा अन्य कई ने भी अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि इस बार महिलाओं के साथ ही नए चेहरे को भी तरजीह दी गई है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप 15 नंबर वार्ड के उम्मीदवार सौरभ झुनझुनवाला सबसे कम उम्र के उम्मीदवार के साथ शिक्षित और योग्य युवा नेता हंै। इस क्षेत्र में काफी दिनों से काम करने के कारण उन्हें चुनावी मैदान में उतारा गया है।