चेन्नई और दिल्ली जैसे राज्यों के नाम शामिल है, जोकि जल संकट का सामना कर रहे हैं। पिछले कुछ सालों में चेन्नई शहर से आई तस्वीरें किसी से छिपी नहीं है। कई बार वहां हालात इतने खराब हो गए कि लोग घरों में रहने के लिए मजबूर हुए। हॉस्टल, आईटी कम्पनीज और होटल सब या तो बंद करने पड़े, या फिर अनियमित तरीके से खोले गए। लोग पानी के लिए हाथा-पाई करते तक देखे गए। ऐसे में अगर जल्द ही इस समस्या पर काम नहीं किया गया, तो स्थिति और खराब हो सकती है। तो आइए आज उन तरीकों को जानते हैं, जिनकी मदद से पानी का संरक्षण संभव है।
1. हर दिन बालों को शैम्पू करने से बच सकते हैं : अपने बालों को धोने के लिए अतिरिक्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे में वैकल्पिक दिनों में या दो दिन के अंतराल के बाद बाल धोने से बड़ी मात्रा में पानी को बचाया जा सकता है।
2.दांत ब्रश करते समय नल को बंद रख सकते हैं : दांत ब्रश करने के लिए ज्यादातर लोग नल की टोटी का प्रयोग करते हैं। इस आदत के कारण कई लीटर पानी बेकार बहता है। जबकि, अगर हम इस काम के लिए लोटा या मग का प्रयोग करते हैं, तो महज 1 लीटर पानी में हमारा काम चल सकता है।
3.शावर, टब की जगह बाल्टी से स्नान कर सकते हैं : स्नान करते समय बाल्टी में पानी लेकर शावर, टब में नहाने की तुलना में अधिक जल बचाया जा सकता है। रसोई में भी टब या बाल्टी से बर्तन साफ कर सकते हैं।
4.टॉयलेट फ्लश में रेत से भरी बोतल रख सकते हैं : जल बचाने का यह एक कारगर उपाय है। इसमें अगर हम प्लॉस्टिक की एक बोत में रेत भरकर अपने टॉयलेट के फ्लश की टंकी में रखते हैं, तो उसमें कम पानी भरेगा और कम यूज होगा।
5.बरसात के पानी को स्टोर कर काम में ला सकते हैं : गांवों, कस्बों में आपने तालाब जरूर देखे होंगे। जिनमें बारिश का पानी आसानी से स्टोर हो जाता है। दुर्भाग्यवश हम तालाबों को पाटते चले गए। परिणाम सबके सामने हैं। ऐसे में तालाब की जगह अगर हम अपने-अपने घरों की छत से नीचे गिरने वाले पानी को ही किसी तरह स्टोर कर लें। तो यह जानवरों के साथ-साथ हमारी कई जरूरतों को पूरा कर सकता है।
6.पौधों को पानी देने के लिए वाटरिंग कैन का प्रयोग : यदि हम पौधों को बाल्टी या मग की मदद से पानी देते हैं, तो हमें अधिक पानी की जरूरत होती है। वाटरिंग कैन का प्रयोग इसमें मददगार होगा। वहीं अगर हम यह काम सुबह-सवेरे करते हैं, तो यह सोने में सुहागा जैसा होगा।
7.वॉशिंग मशीन में एकसाथ कपड़े धो सकते हैं : आमतौर पर हम 2-4 कपड़ों को धुलने के लिए भी वॉशिंग मशीन का प्रयोग करने से नहीं चूकते। जबकि अगर हम तब तक अपने कपड़े न धुले, जब तक वह पूरी तरह से भरी न हो। यह पानी बचाने की दिशा में आपका एक बड़ा कदम होगा।
8.सार्वजनिक स्थलों की टोटियां सही करा सकते हैं : अगर आपके आसपास किसी भी सार्वजनिक स्थल पर नल की टोंटियां खुली या टूटी रहती हैं, तो आप इन्हें सही कराकर। अनजाने ही प्रतिदिन हजारों लीटर बेकार होने वाले पानी को संरक्षित कर सकते हैं। सर्वाजनिक स्थल पार्क, स्कूल, अस्पताल, मन्दिर, आदि कुछ भी हो सकता है।