गुवाहाटी : असम सरकार ने सोमवार को राज्य विधानसभा को सूचित किया कि उसके पास राज्य में संदिग्ध (डी) मतदाताओं के संबंध में पूरा डेटा नहीं है। उल्लेखनीय है कि डी-वोटर वे हैं जो अपनी भारतीय राष्ट्रीयता के पक्ष में सबूत नहीं दे सके। फिलहाल डेटा उपलब्ध नहीं है, क्योंकि मामला चुनाव आयोग के अधीन है? मुख्यमंत्री हिमंत विश्वशर्मा ने एक सवाल के जवाब में विधानसभा में उपरोक्त आशय का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि विदेशी ट्रिब्यूनल की ओर से 31 जनवरी तक 1,44,099 लोगों को विदेशी घोषित किया गया है, हालांकि राज्य सरकार के पास इनके नाम और विस्तृत पते या ऐसी अन्य जानकारी नहीं है।  गृह मंत्री के रूप में अपनी हैसियत से जवाब दे रहे डॉ. शर्मा ने कहा कि 185 लोगों को अब तक छह ट्रांजिट कैंपों में रखा गया है, जिन्हें घर ने विदेशी और विदेशियों को कारावास की सजा सुनाई है। कुल मिलाकर 1047 लोग जमानत पर ट्रांजिट कैंप से बाहर आए हैं, लेकिन गृह विभाग के पास उनका विवरण नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि 2010 से  कुल 499 घोषित विदेशियों को राज्य से निर्वासित किया गया। एक अन्य सवाल के जवाब में सीएम  ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा 19,354 संदिग्ध विदेशियों को नोटिस दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रांजिट कैंपों में अब तक 31 लोगों की बीमारी या अन्य कारणों से मौत हो चुकी है।