कोलकाता : देश में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बंदरगाह संचालक अडाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड (एपीएसईजेड) लिमिटेड ने पश्चिम बंगाल सरकार की ताजपुर बंदरगाह परियोजना के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई है। एक आधिकारिक सूत्र ने शुक्रवार को बताया कि एपीएसईजेड ने इस बंदरगाह की होड़ में जेएसडब्ल्यू ग्रुप को पीछे छोड़ दिया है। वित्तीय निविदा के दौर में एपीएसईजेड और जेएसडब्ल्यू ही शामिल थीं। हालांकि कुछ अन्य कंपनियों ने शुरुआती दौर में इसमें दिलचस्पी जताई थी। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम सामने न आने की शर्त पर बताया कि एपीएसईजेड ने इस बंदरगाह परियोजना के लिए सबसे ऊंची बोली लगाई है। अधिकारी ने कहा कि एपीएसईजेड ने सकल राजस्व के 0.25 प्रतिशत हिस्से की बोली लगाई है जबकि दूसरी कंपनी ने 0.23 प्रतिशत हिस्सेदारी की बोली लगाई थी। अधिकारी ने कहा कि राजस्व हिस्सेदारी बढ़कर चार प्रतिशत तक हो जाएगी लेकिन वह 99 साल की रियायत अवधि के अंतिम दौर में होगा। अधिकारी ने कहा कि एपीएसईजेड के सबसे बड़े बोलीकर्ता के रूप में उभरने के बाद एक प्रस्ताव तैयार किया गया है जिसे राज्य मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी के लिए रखा जाएगा। पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में स्थित इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 7,000 करोड़ रुपए है।