नई दिल्ली : दोपहिया और चार पहिया वाहनों के साथ अन्य बड़े वाहनों का थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम बढ़ सकता है। भारतीय बीमा और नियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने मोटर वाहनों के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस की दरों को बढ़ाने को लेकर एक ड्राफ्ट तैयार किया है। 1 अप्रैल 2022 से नई दरें लागू हो सकती हैं। फोर-व्हीलर के लिए प्रस्तावित संशोधित दरों के अनुसार 1,000 सीसी वाली निजी कारों पर 2,072 रुपए की तुलना में 2,094 रुपए की दर लागू होंगी। इसी तरह 1,000 सीसी से 1,500 सीसी वाली निजी कारों पर 3,221 रुपए की तुलना में 3,416 रुपए की दर होंगी, जबकि 1,500 सीसी से ऊपर की कार के मालिकों को 7,890 रुपए की जगह 7,897 रुपए का प्रीमियम देना होगा। टू-व्हीलर के लिए दोपहिया वाहनों के मामले में 150 सीसी से 350 सीसी तक के वाहनों के लिए 1,366 रुपए बतौर प्रीमियम देना होना, जबकि 350 सीसी से अधिक के वाहनों के लिए प्रीमियम 2,804 रुपए होगा। निजी इलेक्टि्रक कारों, इलेक्टि्रक दो-पहिया और इलेक्टि्रक यात्री, माल वाहक के साथ कमर्शियल वाहनों के इंश्योरेंस पर 15प्रतिशत की छूट का प्रस्ताव है। ये कदम ईको फ्रेंडली वाहनों को बढ़ावा देने के लिए उठाया जाने वाला है। हाइब्रिड इलेक्टि्रक वाहनों पर सरकार 7.5प्रतिशत डिस्काउंट देने की तैयारी में है। थर्ड पार्टी यानी तीसरा पक्ष। पहला पक्ष वाहन मालिक, दूसरा वाहन चालक और दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति तीसरा पक्ष होता है। मोटर वाहन के सार्वजनिक स्थान पर उपयोग के दौरान वाहन से यदि कोई दुर्घटना होती है और किसी तीसरा पक्ष (थर्ड पार्टी) को जान-माल की हानि होती है तो वाहन का मालिक और उसका चालक इस नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए कानूनन बाध्य होते हैं। ऐसी स्थिति में आर्थिक मुआवजे की भरपाई के लिए बीमा कंपनियां थर्ड पार्टी इंश्योरेंस करती हैं। बीमा होने पर मुआवजे की राशि का भुगतान संबंधित बीमा कंपनी करती है।