अब तक आपने इंसान और जानवरों की स्वास्थ्य रक्षा के लिए एंबुलेंस चलते देखी होगी, लेकिन बुंदेलखंड के छतरपुर (मध्य प्रदेश) जिले में पौधरोपण और उनकी सुरक्षा के लिए सड़क पर दौड़ती ‘ट्री एंबुलेंस’ हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। यह ट्री एंबुलेंस हरे रंग से रंगी हुई है। इस पर उकेरे गए पेड़ों के चित्र, पौधा रोपते बच्चे और उस पर दर्ज संदेश ‘सांसें हो रही हैं कम, आओ पेड़ लगाएं हम’ बहुत कुछ बयां कर जाता है। यूपी-एमपी में फैले बुंदेलखंड की पहचान सूखा, पलायन, बेरोजगारी, जल संकट के कारण है, लेकिन यहां के विपरीत हालात को चुनौती देते भी नजर आते हैं। यह ‘ट्री एंबुलेंस’ और पौधरोपण की मुहिम भी उसी जज्बे का एक हिस्सा है। यह अपनी तरह की अनोखी एंबुलेंस की शुरुआत ‘संगम सेवालय’ द्वारा की गई है। इस गैर सरकारी संगठन के प्रमुख विपिन अवस्थी का कहना है कि यह एंबुलेस जगह-जगह पौधों का रोपण तो करेगी ही। साथ में क्षतिग्रस्त पौधों का भी ख्याल रखेगी। अवस्थी के अनुसार, सप्ताह में एक या दो दिन निर्धारित समय और निर्धारित स्थान पर पौधों को बचाने का अभियान चलाएंगे। इस एंबुलेंस में जमीन में गड्ढा खोदने से लेकर पेड़ को रोपित करने, उसकी काट-छांट करने, पानी देने, कीड़े आदि के प्रकोप से बचाने के लिए कीटनाशकों का इंतजाम है।