मुंबईः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रूस-यूक्रेन संकट से ग्लोबल क्रूड प्राइस में आए उछाल को देखते हुए कहा कि ऑयल मार्केटिंग कंपनीज पेट्रोल-डीजल के रिटेल प्राइस पर फैसला करेंगी। सीतारमण ने बताया कि फाइनेंशियल स्टेबिलिटी डेवलपमेंट काउंसिल की मीटिंग में भारत की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी की चुनौतियों पर बात हुई जिसमें क्रूड ऑयल एक बड़ा मुद्दा था। पोस्ट बजट प्रेस कांफ्रेंस में सीतारमण ने कहा कि यह कहना मुश्किल है कि कच्चे तेल की कीमतें कितनी ऊपर जाएंगी। हम यूक्रेन की स्थिति का राजनयिक समाधान चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ब्रेंट क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गया है और देश इस पर नजर रख रहा है। ऑयल मार्केटिंग कंपनीज रिटेल प्राइस पर फैसला करेंगी। वहीं ट्रेड को लेकर सीतारमण ने कहा कि जियो पॉलिटिकल टेंशन के कारण ट्रेड प्रभावित नहीं हुआ है, लेकिन सरकार इस पर कड़ी नजर रख रही है। हम सावधान हैं कि एक्सपोर्टर्स को किसी तरह का नुकसान न हो। बता दें कि यूक्रेन-रूस विवाद के चलते आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है। इस विवाद के कारण इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल 96 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। ऐसा करीब 8 साल पहले हुआ था। क्रूड ऑयल महंगा होने से पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ना तय माना जा रहा है। इंटरनेशनल मार्केट में नेचुरल गैस की कीमत भी बढ़ रही है। इससे देश के अंदर एलपीजी और सीएनजी की कीमतें भी बढ़ने की पूरी संभावना है। आईआईएफएल सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट (कमोडिटी एंड करेंसी) अनुज गुप्ता ने कहा कि तेल कंपनियों ने 3 नवंबर से पेट्रोल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, जबकि तब से अब तक कच्चा तेल 15 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा महंगा हो गया है। आगे भी इसमें तेजी जारी रह सकती है। ऐसे में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में जल्द ही 15 से 20 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर फैसला करेंगी तेल कंपनियां : सीतारमण
